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Yoga Education

Yoga Education

We looked at the role of yoga in education from various angles, including the type of education that was being provided to children throughout the world as well as the different levels of stress that children face in the classroom environment. The difficulties, problems, conflicts, distractions and dissipation of their energies were also considered. We started using certain principles and practices of yoga, firstly, as an experiment to increase the children's learning ability and, secondly, to inspire teachers to teach their subjects in a slightly different way.Our belief was, and still is, that we are educating our children without considering or caring for the growth of their entire personality. We are cramming their brains and minds with information without creating any support group outside the classroom environment where they can continue to imbibe education.We have to look at what science says about the growth of a child, what psychoanalysis says about child psychology and how the hormones and glands alter and influence the rationality, emotional structure and creative output of the child. योग विज्ञान भारतीय मनोविज्ञान का व्यावहारिक रूप है। इसको शिक्षा का आधार बनाना परमावश्यक है, तब ही हमारी शिक्षा सही अर्थों में फलदायक होगी। र्इश्वर द्वारा प्रदत्त हमारे इस भौतिक शरीर में अपार शकितयाँ विधमान हैं परन्तु आधुनिक मनोविज्ञान का मानना है कि मनुष्य के मसितष्क का केवल दसवाँ भाग ही उपयोग आता है, शेष भाग सुप्त है। यह सुप्त भाग योग के अभ्यास के द्वारा जागृत किया जा सकता है। योगाभ्यास के द्वारा मानसिक शकितयों का विकास होता है, यह विज्ञान सिद्ध है और योग से व्यकित के सात्तिवक आचार-विचार बनते हैं। इसलिए विधालय में शिक्षा के साथ-साथ योग की शिक्षा दी जाये। बालक निसर्ग से प्राप्त कर्मेनिद्रयों तथा ज्ञानेनिद्रयों से मन, बुद्धि, चित्त आदि के माध्यम से समान ज्ञान एवं अनुभव अर्जित करता है। बालक अपनी पूर्ण क्षमता के साथ एवं बिना बाधा के सही ढंग से शिक्षा प्राप्त कर सके, इसीलिए योग का अभ्यास आवश्यक है।



क्या ऑनलाइन शिक्षा चुनौतिपूर्ण है?

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