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Arunachal Pradesh

Arunachal Pradesh

Area 83,743 sq. km Population 13,82,611 * Capital Itanagar Principal Languages Monpa, Miji, Aka, Sherdukpen, Nyishi, Apatani, Tagin, Hill Miri, Adi, Digaru-Mismi, Idu-Mishmi, Khamti, Miju-Mishmi, Nocte, Tangsa and Wancho. History and Geography Arunachal Pradesh became a full-fledged State on 20th February, 1987. Till 1972, it was known as the North-East Frontier Agency (NEFA). It gained the Union Territory status on 20 January 1972 and renamed as Arunachal Pradesh. On 15th August 1975 an elected Legislative Assembly was constituted and the first Council of Ministers assumed office. The first general election to the Assembly was held in February 1978. Administratively, the State is divided into sixteen districts. Capital of the State is Itanagar in Papum Para district. Itanagar is named after Ita fort meaning fort of bricks, built in 14th century AD. Arunachal Pradesh finds mention in the literature of Kalika Purana and Mahabharata. This place is the Prabhu Mountains of the Puranas. It was here that sage Parashuram atoned for his sin, sage Vyasa meditated, King Bismaka founded his kingdom and Lord Krishna married his Consort Rukmini. The widely scattered archaeological remains at different places in Arunachal Pradesh bear testimony to its rich cultural heritage. Festivals Folk Dance of Arunachal Pradesh Some of the important festivals of the State are: Mopin and Solung of the Adis, Lossar of the Monpas and Boori-boot of the Hill Miris, Sherdukpens, Dree of the Apatanis, Si-Donyi of the Tagins, Reh of the ldu-Mishmis, Nyokum of the Nishs, etc. Animal sacrifice is a common ritual in most festivals. Agriculture and Horticulture Agriculture is the mainstay of the people of Arunachal Pradesh, and had mainly depended on jhum cultivation. Encouragement is being given to the cultivation of cash crops like potatoes and horticulture crops like apples, oranges and pineapples. Industries and Minerals For conservation and explorations of vast minerals, the APMDTCL were set up in 1991. Namchik-Namphuk coal fields are taken up by APMDTCL. Namchik-Namphuk coal fields are taken up by the APMDTCL. To provide training to craftsmen in different trades, there are two Industrial Training Institutes at Roing and Daporijo. Transport Roads: Arunachal Pradesh has 330 km of national highway. Tourist Centres Sela Lake Places of tourist interest are: Tawang, Dirang, Bomdila, Tipi, Itanagar Malinithan, Likabali, Pasighat, Along, Tezu, Miao, Roing, Daporijo Namdapha, Bhismaknagar, Parashurarn Kund and Khonsa. Panchayati Raj The Arunachal Pradesh State Election Commission in support of State Govt. has successfully conducted and completed Panchayati Raj Elections in the State in the month of May 2008 for speedy development in the village and grass root level. क्षेत्रफल 83,743 वर्ग किलोमीटर जनसंख्याव 13,82,611 * राजधानी ईटानगर मुख्यन भाषाएं मोनपा, मिजी, अका, शेरदुकपेन, निशी, अपतानी,तगिन, अदी, दिगारू-मिशमी, इदु-मिशमी, मिजु-मिशमी, खमटी, नोकटे, तंगसा और वांचू इतिहास और भूगोल अरूणाचल प्रदेश को 20 फरवरी, 1987 को पूर्ण राज्यम का दर्जा मिला। 1972 तक यह पूर्वोत्तगर सीमांत एजेंसी के नाम से जाना जाता था। इसे 20 जनवरी 1972 से केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिला। 15 अगस्त , 1975 को चयनित विधानसभा का गठन किया गया तथा पहली मंत्री परिषद ने कार्यभार ग्रहण किया। प्रथम आम चुनाव फरवरी, 1978 में करवाए गए। राज्यस में 16 जिले हैं। राज्यत की राजधानी ईटानगर पापुम पारा जिले में हैं। ईटानगर नाम ईटा किले पर पड़ा है जिसका अर्थ है ईंटों का किला, जिसे 14 सदी पूर्व बनाया गया था। कल्कि पुराण तथा महाभारत में अरूणाचल प्रदेश का उल्ले ख मिलता है। यह पुराणों में वर्णित प्रभु पर्वत नामक स्थाान है। परशुराम ने यहां अपने पापों का प्रायश्चित किया था, ऋषि व्या।स ने यहां आराधना की थी, राजा भीष्मनक ने यहां अपना राज्य बसाया तथा भगवान कृष्णय ने रूक्मिणि से विवाह किया था। अरूणाचल प्रदेश के विभिन्नर भागों में फैले पुरातात्विक अवशेषों से पता चलता है कि इसकी एक समृद्ध सांस्कृसतिक परंपरा रही है। त्योाहार राज्यच के कुछ महत्वूपूर्ण त्यौ हारों में अदीस लोगों द्वारा मनाए जाने वाले मोपिन और सोलुंग; मोनपा लोगों का त्योहार लोस्साार; अपतानी लोगों का द्री, तगिनों का सी-दोन्याहई; इदु-मिशमी समुदाय का रेह; निशिंग लोगों का न्योगकुम आदि शामिल हैं। अधिकांश त्यौाहारों के अवसर पर पशुओं की बलि चढ़ाने की प्रथाय है। कृषि और बागवानी अरूणाचल प्रदेश के लोगों के जीवनयापन का मुख्य‍ आधार कृषि है। यहां की अर्थव्यरवस्थाा मुख्यलत: झूम खेती पर आधारित है। अब नकदी फसलों, जैसे- आलू और बागवानी की फसलों, जैसे- सेब, संतरे और अनन्नालस आदि को बढ़ावा दिया जा रहा है। खनिज और उद्योग राज्यऔ की विशाल खनिज संपदा का पता लगाने तथा उसे संरक्षण के लिए 1991 में अरूणाचल प्रदेश खनिज विकास और व्यागपार निगम लिमिटेड (ए.पी.एम.डी.टी.सी.एल.) की स्थाखपना की गई। निगम ने नामचिक-नामफुक कोयला क्षेत्र को अपने अधिकार में ले लिया है। पर्यटन स्थरल राज्यन के प्रमुख पर्यटन स्थकल हैं- तवांग, दिरांग, बोमडिला, टीपी, ईटानगर, मालिनीथान, लीकाबाली, पासीघाट, अलोंग, तेज़ू, मियाओ, रोइंग, दापोरिजो, नामदफा, भीष्मंकनगर, परशुराम कुंड और खोंसा। source by national portal

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