सोमनाहल्ली मल्लैया कृष्णा -जन्म: (1 मई, 1932)

May 01, 2017

सोमनाहल्ली मल्लैया कृष्णा (जन्म- 1 मई, 1932, मंडया, कर्नाटक) एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जिन्होंने सन 2009 के बाद से भारत सरकार में विदेश मंत्री के रूप में देश की सेवा की है। 1999 से 2004 तक एस. एम. कृष्णा कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे थे और वर्ष 2004 से 2008 तक वे महाराष्ट्र के राज्यपाल भी रहे। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 22 मई, 2009 को उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया और विदेश मंत्रालय का कार्यभार सौंप दिया। वे मनमोहन सिंह के मंत्रिमंडल के एक मात्र ऐसे मंत्री हैं, जो मंत्री, उप-मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल और तीन बार केंद्रीय मंत्री का पद संभाल चुके हैं।


जन्म -
एस. एम. कृष्णा का जन्म 1 मई, 1932 को सोमनाहल्ली ग्राम, मंडया ज़िला (कर्नाटक) में हुआ था। उनके पिता का नाम एस. सी. मल्लैया है। एस. एम. कृष्णा ने मैसूर के 'महाराजा कॉलेज' से स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी। इसके बाद वे 'गवर्नमेण्ट लाँ कॉलेज' से क़ानून की डिग्री प्राप्त करने के लिए बंगलौर गये थे। बाद में उन्होंने संयुक्त राज्य अमरीका के डालाज में स्थित 'सदर्न मेथोडिस्ट विश्वविद्यालय' में अध्ययन प्राप्त किया और 'फ़ुलब्राइट छात्रवृत्ति' प्राप्त करके 'जाँर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय' में भी अध्ययन किया। 29 अप्रैल सन 1964 को उनका विवाह प्रेमा कृष्णा जी के साथ सम्पन्न हुआ। वे दो पुत्रियों के पिता हैं।अमेरिका में ही एस. एम. कृष्णा की सक्रिय राजनीति में रुचि जगी। वहाँ उन्होंने जॉन एफ़ कैनेडी के राष्ट्रपति चुनाव का प्रचार भी किया था। भारत वापस आने के बाद उन्होंने एक अन्तर्राष्ट्रीय क़ानून के प्रोफ़ेशर के रूप में 'रेणुकाचार्या लाँ कॉलेज', बंगलौर में अध्यापन का कार्य किया। वे कर्नाटक विधानसभा के लिए 1962 में चुने गये और संसद में प्रथम बार चौथी लोकसभा में सदस्य के रूप में प्रवेश किया।
कृष्णा जी पाँचवीं लोकसभा सांसद के लिए पुन: निर्वाचित हुए थे, परन्तु 1972 में उन्होंने प्रान्तीय राजनीति में ही वापस जाने को प्राथमिकता दी। तब वे विधान परिषद के लिए चुने गये थे और वाणिज्य, उद्योग एवं संसदीय कार्य मंत्री के रूप में प्रदेश मंत्रिपरिषद में सम्मिलित हुए थे। यह प्रभार उनके पास 1977 तक रहा था। सन 1980 में वे फिर से लोकसभा में वापस आये और उन्हें उद्योग राज्य मंत्री (1983-1984) तथा वित्तराज्य मंत्री (1984-1985) बनाया गया।


एस. एम. कृष्णा ने कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष का पद भार 1989 में ग्रहण किया। इस पद पर वे 1992 में कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री चुने जाने तक बने रहे थे। उन्हें राज्यसभा (उच्च सदन) के लिए 1996 में चुना गया, जिसके सदस्य वे अक्टूबर, 1999 तक रहे। एस. एम. कृष्णा को अक्टूबर, 1999 में कर्नाटक का मुख्यमंत्री में चुना गया था। इस पद पर वे मई, 2004 तक बने रहे।


श्री कृष्णा ने महाराष्ट्र के राज्यपाल का पदभार दिसम्बर, 2004 में ग्रहण किया। उन्होंने मार्च, 2008 तक इस पद पर बने रहकर इस पद की गरिमा को बढ़ाया। वे पुनः: राज्यसभा के सदस्य के रूप में 19 जून, 2008 को चुने गये थे। उन्होंने विदेश मंत्री का पदभार 23 मई, 2009 को ग्रहण किया था।


विदेश यात्रा
देश सेवा के अंतर्गत एस. एम. कृष्णा ने व्यापक रूप से कई विदेश यात्राएँ की हैं। श्री कृष्णा वर्ष 1982 में संयुक्त राष्ट्र की यात्रा पर गये। इस समय वे एक भारतीय प्रतिनिधिमण्डल के सदस्य थे। वे यू, के. के वेस्टमिंस्टर में आयोजित राष्ट्रमण्डल संसदीय सम्मेलन में एक प्रतिनिधि थे। एस. एम. कृष्णा एक अच्छे खिलाड़ी के रूप में भी जाने जाते हैं। वे टेनिस के बेहतरीन खिलाड़ी हैं और नियमित टेनिस खेलते हैं। अपने स्वास्थ्य के प्रति वे सदैव सजग रहते हैं।


Somanahalli Mallaiah Krishna (born 1 May 1932) is an Indian politician who served as Minister of External Affairs of India from 2009 to October 2012.[1] A member of the Indian Parliament in the Rajya Sabha, Krishna was the 16th Chief Minister of Karnataka from 1999 to 2004 and the 19th Governor of Maharashtra from 2004 to 2008.


S. M. Krishna is son of S.C. Mallaiah. He was born in a village named Somanahalli in the Maddur Taluk of Mandya District to a Vokkaliga family. He completed his Bachelor's in Arts from Maharaja's College, Mysore and obtained a Law degree from University Law College, which was then known as Government Law College in Bangalore. Krishna studied in the United States, graduating from the Southern Methodist University in Dallas, Texas and The George Washington University Law School in Washington D.C, where he was a Fulbright Scholar. Soon after his return to India, he was elected to the Karnataka Legislative Assembly in 1962.



He is married to Prema. They have two daughters.His son-in-law is Siddarth Hegde, who is a businessman.


Krishna started his political career with Praja Socialist Party in the year 1962. He had won against a prominent politician from Indian National Congress (INC) for whom Jawaharlal Nehru had campaigned in Maddur. He served multiple terms as an MP from the Mandya district of Karnataka starting from 1968 in the 4th, 5th, 7th and 8th Lok Sabha.In 1968 he was influential in reconciliation between members of the Indian National Congress and Praja Socialist Party. He later joined the Congress and served as minister under Indira Gandhi between 1983–84 and Rajiv Gandhi between 1984 and 1985 as minister of state for industry and finance respectively. He was member of the Rajya Sabha in the years 1996 and 2006. He was member of the Karnataka Legislative Assembly and council at different times. Between 1989 and 1992 he was Speaker of the Karnataka Legislative Assembly and Deputy Chief Minister of Karnataka.


In 1999, as Karnataka Pradesh Congress Committee president, he led his party to victory in the assembly polls and took over as Chief Minister of Karnataka, a post he held until 2004. He was also instrumental in creating power reforms with ESCOMS and digitization of land records (BHOOMI) and many other citizen friendly initiatives. He encouraged private public participation and was a fore bearer of the Bangalore Advance Task Force. He later became the Governor of Maharashtra.


Krishna resigned as Governor of Maharashtra on 5 March 2008. It was reported that this was due to his intention to return to active politics in Karnataka.[6] President Pratibha Patil accepted his resignation on 6 March. Krishna entered the Rajya Sabha and subsequently took the oath of office as Union Cabinet Minister of External Affairs in the Council of Ministers under Prime Minister Manmohan Singh on 22 May 2009.


Krishna resigned as External Affairs Minister on 26 October 2012 indicating a return to Karnataka state politics.


Krishna resigned as a member of INC on 29 January 2017 quoting that the party was in a "state of confusion" on whether it needed mass leaders or not. He also complained of having been sidelined by the party and that the party was "dependent on managers and not time-tested people like [himself]". After speculations on his joining the Bharatiya Janata Party, he formally joined the party in March.


Positions held
Member of 3rd Karnataka Legislative Assembly 1962–67
Member, Indian Parliamentary Delegation to Commonwealth
Parliamentary Conference, New Zealand, 1965
Member, 5th Lok Sabha 1971–1976
Member, 7th Lok Sabha 1980–1984
Member, Karnataka Legislative Council 1972–1977
Minister for Commerce & Industries & Parliamentary Affairs, Government of Karnataka 1972–77
Member, Indian Delegation to the United Nations, 1982
Union Minister of State for Industry during 1983–1984
Union Minister of State for Finance during 1984–1985
Member, 9th Karnataka Legislative Assembly 1989–1992
Speaker, Karnataka Legislative Assembly 1989–93
Delegate to Commonwealth Parliamentary Seminar at West Minister, UK in March 1990
Deputy Chief Minister of Karnataka, 1992–1994
Elected to Rajya Sabha in April 1996
Chief Minister of Karnataka October 1999 – 2004
Re-elected to Karnataka Legislative Assembly: 2004
Governor, Maharashtra: 2004–2008
Member, Rajya Sabha from Karnataka 2008 - 2014 
External Affairs Minister, Government of India: 22 May 2009 to 26 October 2012.


On 2 July 2012, Krishna paid a two-day visit to Tajikistan to strengthen its economic and energy ties.