उमा भारती - जन्म: (3 मई, 1959)

May 03, 2017

उमा भारती (जन्म- 3 मई, 1959, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश) भारत की महिला राजनीतिज्ञों में से एक एवं जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प मंत्रालय की वर्तमान केंद्रीय मंत्री हैं। सदैव भगवा वस्त्र में दिखाई देने वालीं उमा भारती का विवादों से भी नाता रहा है। सन 2003 में भारत की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों में से एक 'भाजपा' (भारतीय जनता पार्टी) ने उन्हें मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों में अपना अगुवा बनाया था। इस समय भाजपा ने 166 सीटों पर विजय प्राप्त की और 8 दिसम्बर, 2003 को उमा भारती मध्य प्रदेश की 22वीं मुख्यमंत्री बनीं। किंतु वे अधिक समय तक इस पद नहीं रह सकीं और नौ महीने बाद ही उन्हें त्यागपत्र देना पड़ा था। संघ परिवार से संबंधित उमा भारती बचपन से ही हिन्दू धार्मिक ग्रंथों और महाकाव्यों में रुचि लेने लग गई थीं, जिस कारण उनके स्वभाव और व्यक्तित्व में उनकी इस विशेषता की झलक साफ़ दिखाई देती है। उमा एक आत्म-विश्वासी और आत्म-निर्भर महिला हैं। साध्वी की भांति वेशभूषा धारण किए उमा भारती ने अविवाहित रहकर अपना जीवन धर्म के प्रचार-प्रसार में लगाने का व्रत लिया है।


जन्म-
उमा भारती का जन्म 3 मई, 1959 को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ ज़िले में हुआ था। लोधी राजपूत परिवार में जन्म लेने वाली उमा राजनीति में एक तेज-तर्रार महिला नेता के रूप में जानी जाती हैं। उमा भारती हिन्दू महाकाव्यों के विषय में काफ़ी अच्छी जानकारी रखती हैं। एक साध्वी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी उमा का ग्वालियर की राजमाता विजयाराजे सिंधिया से घनिष्ठ सम्बन्ध रहा है। केवल छठी कक्षा तक शिक्षा प्राप्त उमा भारती धार्मिक विषयों में बहुत अधिक रुचि रखती हैं, जिसके कारण उनका संबंध देश के कई बड़े धार्मिक नेताओं से है। राजनीतिज्ञ और हिन्दू धर्म की प्रचारक होने के अलावा उमा भारती एक समाज सेवी भी हैं। उमा ने अपनी राजनीतिक यात्रा ग्वालियर की राजमाता विजयाराजे सिंधिया के संरक्षण में प्रारम्भ की थी। अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें एक बड़े नेता के रूप में पेश किया। उमा भारती ने 1984 में अपना पहला संसदीय चुनाव खजुराहो से लड़ा। इसी समय इन्दिरा गाँधी की हत्या हुई और सारे देश में कांग्रेस के पक्ष में एक लहर बन चुकी थी। इसका परिणाम यह हुआ कि उमा को इस चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। लेकिन इन परिस्थितियों में भी उमा ने पार्टी की छवि को बनाये रखा और 1989 में वह खजुराहो सीट से विजयी हुईं। उमा भारती 1991, 1996 तथा 1998 के चुनावों में भी खजुराहो की संसदीय सीट पर लगातार विजय प्राप्त करती रहीं। उन्होंने 1999 का चुनाव भोपाल से लड़ा था।
राजनीतिक नज़रिये से उमा भारती का क़द उस समय और भी बढ़ गया, जब अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में उन्हें राज्यमंत्री के रूप में मानव संसाधन मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय, युवा एवं खेल मामलों की मंत्री तथा कोयला मंत्री आदि के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। सन 2003 के मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने उमा भारती को अपना अगुआकार बनाया। इसमें मध्य प्रदेश की 231 सदस्यों की विधानसभा में भाजपा ने 166 सीटें जीतकर सदन में तीन चौथाई बहुमत प्राप्त किया। इस प्रकार उमा भारती मध्य प्रदेश की जनता के समक्ष 22वीं मुख्यमंत्री के रूप में 8 दिसंबर, 2003 को आईं।


यद्यपि उमा भारती की वापसी को लेकर प्रारम्भ से ही 'भारतीय जनता पार्टी' में विरोधाभास की स्थिति विद्यमान थी, किंतु जून, 2011 में उमा भारती को भाजपा में फिर से सम्मिलित कर लिया गया। इस प्रकार लगभग छ: साल के लंबे समयांतराल के बाद उमा भारती का भाजपा में आगमन हुआ।


'राम जन्म भूमि' को बचाने के प्रयास में उमा भारती ने कई प्रभावकारी कदम उठाए। उन्होंने पार्टी से निलंबन के बाद भोपाल से लेकर अयोध्या तक की कठिन पदयात्रा भी की थी।
उमा ने साध्वी ऋतंभरा के साथ मिलकर अयोध्या मसले पर आंदोलन प्रारम्भ किया। इस आंदोलन के लिए उन्होंने एक सशक्त नारा भी दिया- "राम-लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे"।
रामसेतु को बचाने के लिए जुलाई, 2007 में उमा भारती ने 'सेतु समुद्रम प्रोजेक्ट' के विरोध में पाँच दिन की भूख हड़ताल की।
लेखन कार्य
उमा भारती की लेखन कार्य में भी रुचि रही है। हिन्दू धर्म तथा उससे संबंधित अच्छी जानकारी होने के कारण ही उमा ने अपने विचारों को किताबों में भी संग्रहित किया है। उनकी लिखी हुई अब तक तीन किताबें बाज़ार में आ चुकी हैं। इन किताबों में से एक भारत के बाहर भी प्रकाशित। उनकी किताबों के नाम इस प्रकार हैं-


स्वामी विवेकानंद - 1972
पीस ऑफ़ माइंड - 1978, अफ़्रीका
मानव एक भक्ति का नाता - 1983


Uma Bharti (born 3 May 1959) is an Indian politician who currently serves as the Cabinet Minister for Drinking Water and Sanitation in the Union Government of India. She became involved with the Bharatiya Janata Party (BJP) at a young age, unsuccessfully contesting her first parliamentary elections in 1984. In 1989, she successfully contested the Khajuraho seat, and retained it in elections conducted in 1991, 1996 and 1998. In 1999, she switched constituencies and won the Bhopal seat.


Bharti held various state-level and cabinet-level portfolios in the Ministry of Human Resource Development, Tourism, Youth Affairs and Sports, and also in Coal and Mines during the second as well as third ministry of Prime Minister Atal Bihari Vajpayee. After Narendra Modi became the Indian Prime Minister in 2014, she was appointed the Minister for Water Resources, River Development and Ganga Rejuvenation, and held this office until September 2017.


Bharti was among the leaders in the controversial Ram Janmabhoomi movement of the 1980s and 1990s, organised by the BJP and the Vishva Hindu Parishad. She was present at the demolition of the Babri Masjid, and was later indicted by the Liberhan Commission for her role in the incident.


In the 2003 State Assembly polls, she led the BJP to a sweeping win in the Madhya Pradesh Legislative Assembly. She defeated her Indian National Congress (INC) opponent from the Malehra seat by a 25 per cent margin. She resigned from the post of Chief Minister in August 2004, when an arrest warrant was issued against her regarding the 1994 Hubli riot case. After a falling-out with the BJP, she established her own political party for a while before returning to the fold and being elected as a Member of the Legislative Assembly in the state of Uttar Pradesh. She was subsequently re-elected to the Lok Sabha, the lower house of the Parliament of India.


She is occasionally addressed by the Hindu honorific Sādhvī, a respectful Sanskrit title for a female renunciant.


Uma Bharti was born on 3 May 1959 in Dunda, Tikamgarh District in the state of Madhya Pradesh to a family of peasants. She attended school up until the sixth standard. As a child, she displayed considerable interest in religious texts like the Bhagvad Gita which led to her being seen as a "spiritual" child.[2] She began to give religious discourses while still a child, which brought her into contact with Rajmata Vijayaraje Scindia, who would later become her political mentor. She describes herself in her youth as a "religious missionary".