खजान सिंह -जन्म: (6 मई, 1964)

May 06, 2017

खजान सिंह (जन्म- 6 मई, 1964, दिल्ली) भारत के सर्वश्रेष्ठ तैराकों में से एक हैं। 1985 के दक्षिण फैडरेशन (सैफ) खेलों में काठमांडू में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था और नया राष्ट्रीय कीर्तिमान भी स्थापित किया था। खजान सिंह को 1984 में ‘अर्जुन पुरस्कार’ प्रदान किया गया।


परिचय
खजान सिंह का जन्म 6 मई सन 1964 को दिल्ली में हुआ था। भारत के आज तक के अति श्रेष्ठ तैराकों में खजान सिंह का नाम बहुत ऊपर आता है। तैराकी की प्राय: सभी प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ी अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर कोई विशेष अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। उनके बीच खजान सिंह का प्रदर्शन बेहतर कहा जा सकता है।
खजान सिंह ने अपनी प्रथम तैराकी प्रतियोगिताओं में इतना अच्छा प्रदर्शन किया कि वह सुर्खियों में आ गए। 1981-1982 में राष्ट्रीय स्कूल चैंपियनशिप में उन्होंने पांच स्वर्ण पदक जीते। 1982 के राष्ट्रीय जल क्रीड़ा चैंपियनशिप मुकाबलों में खजान सिंह ने भाग लिया। दिल्ली में हुए इन मुकाबलों में खजान सिंह ने अपना वर्चस्व स्थापित करते हुए पांच स्वर्ण पदक जीते तथा 2 रजत और 1 कांस्य पदक भी जीता।
राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करके सफलता अर्जित करने के साथ ही खजान सिंह ने अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर भी अच्छी ख्याति अर्जित की। उन्होंने 1986 में सिओल में हुए एशियाई खेलों में रजत पदक प्राप्त किया। एशियाई खेलों में आज तक कोई भी भारतीय खिलाड़ी तैराकी मुकाबले में ऐसा कारनामा नहीं कर सका है। 1985 में काठमांडू में हुए दक्षिण एशियाई फैडरेशन (सैफ) खेलों में खजान सिंह ने 100 मीटर फ्री स्टाइल तैराकी में स्वर्ण पदक जीता था और 55.34 सेकंड का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी स्थापित किया था।


पुरस्कार-
खजान सिंह ने 1988 के बीजिंग में हुए एशियाई तैराकी चैंपियनशिप मुकाबले में कांस्य पदक जीता था। उन्हें 1984 में ‘अर्जुन पुरस्कार’ प्रदान किया गया।


उपलब्धियां-
खजान सिंह ने अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर तैराकी में जो सफलता प्राप्त की है वैसी कोई अन्य भारतीय तैराक हासिल नहीं कर सका है।
खजान सिंह ने 1981-82 में राष्ट्रीय स्कूल चैंपियनशिप में पांच स्वर्ण पदक जीते।
1982 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप में खजान सिंह ने पांच स्वर्ण 2 रजत तथा एक कांस्य पदक जीता।
1985 के सैफ खेलों (काठमांडू) में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। वैसा कोई अन्य भारतीय तैराक नहीं कर सका। सैफ खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर खजान सिंह ने 55.34 सेकंड का नया राष्ट्रीय कीर्तिमान बनाया।
1988 के बीजिंग एशियाई खेलों में उन्होंने कांस्य पदक जीता।
1984 में उन्हें ‘अर्जुन पुरस्कार’ प्रदान किया गया।


Khajan Singh (also Khajan Singh Tokas) (born 6 May 1964) is an Indian swimmer, who remained national swimming champion of India, and won a silver medal at the 1986 Asian Games in Seoul. He was awarded an Arjuna Award by Government of India in 1984.


Born on 6 May 1964 in munirka Village, Khajan went to study at the Government Senior Secondary School, Sarojini Nagar, in Delhi
He made his debut in competitive swimming by winning five Gold Medals at the National School Championships in 1981-82. Six-Footer Khajana entered the National Aquatics Championship at Delhi in 1982 and outclassed all competitors by winning five Gold, two Silver and one Bronze. The following year at the Nationals in Trivandrum, he stroked his way to seven Gold, two Silver and one Bronze.


Again in the National Aquatic Championship at Ahmedabad in 1987, he not only won seven Gold Medals but also created a national record in the 100 metres freestyle with a timing of 55.21 seconds, breaking his own record of 55.34 seconds set in the 1984 South Asian Games at Kathmandu. He was the undisputed king at the 1988 Nationals at Calcutta making an unprecedented haul of eight individual Gold, five of them gleaming with the additional lustre of new records. He also contributed to a Silver and a Bronze for the police relay team. The ace swimmer, master free style and Arjuna Awardee of 1984, Khajan scored Silver at the 1986 Asian Games in Seoul in 200m Butterfly. That was the first time since 1951 that India won a medal at the Asiad. The next medal in swimming came 24 years later, when Virdhawal Khade won a bronze in the same event at 2010 Asian Games.


His most outstanding international performance was at the South Asian Federation Games (now known South Asian Games), where he won Gold Medals at Kathmandu in 1984 and seven at 2004 South Asian Games at Islamabad in 1989. He won a Bronze at the 1988 Asian Swimming Championships in Beijing and a Silver in the 100 metre butterfly at the world Police Games in 1988.


Khajan represented India in the 12th Commonwealth Games at Brisbane in 1982, IXth Asian Games at Delhi in 1982, 2nd Asian Swimming Championship at Seoul in 1984, friendly International Game at Moscow in 1984. Coached by Australian coach Eric Arnold, Khajan Singh even took part in the 1988 Olympic at Seoul.


Starting a sports officer in his early career, he presently D.I.G. with the Central Reserve Police Force (CRPF).
He runs the "Khajan Singh Swimming Academy", located near the Jawaharlal Nehru University (JNU) campus in New Delhi.


In 2010, he along with leading sport persons of the past took part in the Ministry of Youth Affairs and Sports tableau on Commonwealth Games – Delhi 2010, at the 61st Republic Day parade in New Delhi.