आबिदा सुल्तान - मृत्यु: (11 मई, 2002)

May 11, 2017

आबिदा सुल्तान ( जन्म: 28 अगस्त, 1913 - मृत्यु: 11 मई, 2002) भोपाल रियासत की राजकुमारी थीं। आबिदा सुल्तान को भारत की पहली महिला पायलट होेने का गौरव प्राप्त था। इन्हें 25 जनवरी, 1942 को उड़ान लाइसेंस मिला था।


जीवन-
आबिदा सुल्तान का जन्म 28 अगस्त 1913 को हुआ था। इनके पिता हमीदुल्लाह ख़ान भोपाल रियासत के अंतिम नवाब थे। आबिदा अपने पिता की बड़ी संतान थी। उनकी परवरिश दादी सुल्तान जहां बेगम ने किया था। अपनी दादी के अनुशासन में रहकर बहुत कम उम्र में ही आबिदा सुल्तान कार ड्राइविंग के अलावा घोड़े, पालतू चीतल जैसे जानवरों की सवारी और शूटिंग कौशल में पारंगत हो चुकी थी। उस जमाने में वे बगैर नकाब के कार चलाती थीं।
उपमहाद्वीप के मुस्लिम राजनीति में सक्रिय भूमिका अदा करने वाली आबिदा सुल्तान ने अपने पिता हमीदुल्लाह ख़ान के कैबिनेट के अध्यक्ष और मुख्य सचिव की जिम्मेदारी भी संभाली थी। आबिदा पोलो और स्क्वेश जैसे खेलों में भी दिलचस्पी रखती थी। सन् 1949 में वे अखिल भारतीय महिला स्क्वैश की चैंपियन रहीं। आबिदा का निकाह 18 जून, 1926 को कुरवाई के नवाब सरवर अली ख़ान के साथ हुआ। दादी की प्रिय पोती आबिदा पहली बार पिता के उत्तराधिकारी का अनुमोदन प्राप्त करने के लिए अपनी दादी नवाब सुल्तान जहां बेगम के साथ सन् 1926 में लंदन गईं थीं। देश के विभाजन की उथल-पुथल के बाद सन् 1949 में उन्होंने भारत छोड़ दिया और पाकिस्तान चली गई। आबिदा सुल्तान ने अपना आशियाना कराची में बनाया और अपनी गतिविधियां जारी रखीं। उन्होंने सन् 1954 में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व और सन् 1956 में चीन का दौरा किया। धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र में विश्वास रखने वाली आबिदा सन् 1960 में मार्शल कानून के विरोध में फातिमा जिन्ना- जो मोहम्मद अली जिन्ना की बहन थीं, का साथ दिया था। वे महिला अधिकारों की पक्षधर थीं। जनवरी 1954 में पिता द्वारा भोपाल वापस लौटने की पेशकश को ठुकरा चुकी आबिदा 12 वर्षों तक अपने पिता से दूर रहीं, लेकिन उनकी मृत्यु के समय वे भोपाल आर्इं।
आबिदा सुल्तान अक्टूबर 2001 तक अनेक रोगों से ग्रस्त हो गर्इं। 27 अप्रैल, 2002 को कार्डियक आॅपरेशन के लिए उन्हें शौकत उमर मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ 11 मई, 2002 को उनका निधन हो गया। उनके पुत्र शहरयार मोहम्मद ख़ान पाकिस्तान में विदेश सचिव रहे हैं।


Princess Suraya Jah, Nawab Gowhar-i-Taj, Abida Sultan Begum Sahiba (28 August 1913 - 11 May 2002) was the eldest daughter of Hamidullah Khan, the last nawab of the Bhopal state. In 1926 she married Nawab Mohammad Sarwar Ali Khan, ruler of Kurwai State.In 1928, she was recognized as the heiress apparent to the Bhopal throne. However, she gave up her right to the throne and migrated to the newly formed Pakistan in 1950.


In Pakistan, she joined the foreign service. Therefore, the Government of India excluded her from the succession and her younger sister Sajida succeeded her instead upon her father's death in 1960, although Abida Sultan contested the succession in court.


Abida Sultan had arrived in the newly created Pakistan at the age of 37, with a young son. She was to spend the greater part of her life in Pakistan. She died in Karachi in 2002. Her son, Shaharyar Khan, was to become the Foreign Secretary of Pakistan and then the Chairman of the Pakistan Cricket Board.