विश्व पर्यावास दिवस

October 05, 2017

विश्व पर्यावास दिवस (अंग्रेज़ी: World Habitat Day) प्रत्येक वर्ष अक्टूबर माह के प्रथम सोमवार को मनाया जाता है। वर्ष 1985 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अक्टूबर में प्रथम सोमवार को हर साल विश्व पर्यावास दिवस को मनाने की घोषणा की थी। इस दिन का मूल उद्देश्य मानवता के मूल अधिकार की पहचान करने और उन्हें पर्याप्त आश्रय देना था। इसके अलावा गरीबी को समाप्त करने और उसमें सुधर करने के लिए जमीनी स्तर पर कार्रवाई के लिए प्रोत्साहित करना है।


इतिहास
पहली बार यह दिवस वर्ष 1986 में आयोजित किया गया था, जबकि इस दिवस का मूल उद्देश्य "आवास मेरा अधिकार है" था। इस आयोजन का स्थल नैरोबी शहर था। इसके अलावा इस आयोजन के निम्नलिखित उद्देश्य भी रहे-


बेघर के लिए आश्रय (1987)
हमारा पड़ोस (1995)
भविष्य के शहर (1997)
सुरक्षित शहर (1998)
शहरी शासन में महिला (2000)
शहरों के लिए पानी और स्वच्छता (2001)
शहरों के बिना मलिन बस्तियों (2003)
गतिविधियाँ
विश्व पर्यावास दिवस का आयोजन विश्व के कई देशों में किया जाता है, जैसे भारत, चीन, पोलैंड, मेक्सिको, युगांडा, अंगोला और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे कई देशों में इसे मनाया जाता है। दुनिया भर में इसका आयोजन किया जाता है, ताकि विश्व भर में तीव्र नगरीकरण के बढ़ते हुए कारण और उनका वातावरण पर प्रभाव और गरीवी निवारण में उनकी भूमिका का पता लग सके, जैसे अवार्ड समारोह का आयोजन ("आवास स्क्रॉल ऑफ ऑनर")। यह पुरस्कार अति-महत्वपूर्ण पुरस्कारों की सूची में शामिल है। प्रतिवर्ष संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा कई विषयों का चुनाव किया जाता है। चुने गए विषय वस्तुतः पर्यावास के लिए महत्वपूर्ण तथ्य होते हैं और उसके विकास में अत्यंत ज़रूरी होते हैं। इन विषयों के चुनाव के पीछे मूल उद्देश्य विश्व भर में लोगों को पर्यावास उपलब्ध कराना और उनका बेहतर विकास करना होता है और सतत विकास की नीतियों को बढ़ावा देना होता है।


विश्व पर्यावास दिवस के बारे में कुछ तथ्य
विश्व पर्यावास दिवस एक वैश्विक अनुपालन है ना कि एक सार्वजनिक अवकाश है।
हर साल यूएन हैबिटेट प्रतिवर्ष के लिए निर्धारित थीम को प्रचार-प्रसार करने और पर्यावास को बढ़ावा देने के सन्दर्भ में जागरूकता को बढ़ाने के लिए गतिविधियों का आयोजन करता है, जिसमें हिस्सा लेने के लिए केंद्र सरकार, स्थानीय सरकार, नागरिक समाज, निजी क्षेत्र और मीडिया उसके सहयोगियों के रूप में कार्य करते हैं।
'पर्यावास स्क्रॉल ऑफ ऑनर' पुरस्कार, संयुक्त राष्ट्र के मानव बस्ती कार्यक्रम (यूएनएचएसपी) द्वारा वर्ष 1989 से शुरू किया गया था। इस पुरस्कार को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित मानव बस्ती पुरस्कार के तौर पर माना जाता है। इस पुरस्कार का मूल उद्देश्य ऐसे कार्यों को प्रारंभ करना है जो संघर्षरत और बेघर लोगों की पीड़ा को न केवल समझ सके बल्कि उन्हें दूर भी कर सके। इसके अलावा मानव बस्तियों के पुनर्निर्माण में सहयोग कर सके और शहरी जीवन की गुणवत्ता के विकास में सहयोग दे सके।
विविध तथ्य


संयुक्त राष्ट्र पर्यावास मिशन के अंतर्गत विविध तथ्य समाहित होते हैं, जैसे-


सभी के लिए सुरक्षित और स्वस्थ रहने वाले पर्यावरण का विकास विशेष रूप से बच्चों के लिए।
पर्याप्त और टिकाऊ परिवहन और ऊर्जा।
शहरी क्षेत्रों में हरियाली की स्थापना और पौधरोपण की व्यवस्था।
शुद्ध और सुरक्षित पीने के पानी के साथ ही स्वच्छता।
सांस लेने के लिए ताजा और प्रदूषण से रहित हवा।
लोगों के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर।
झुग्गी में रहने वाले लोगो में सुधार और शहरी योजना में वृद्धि।
अपशिष्ट पदार्थ की पुनरावृत्ति सहित बेहतर कचरा प्रबंधन।



पहली बार यह दिवस वर्ष 1986 में आयोजित किया गया था, जबकि इस दिवस का मूल उद्देश्य "आवास मेरा अधिकार है" था। इस आयोजन का स्थल नैरोबी शहर था। इसके अलावा इस आयोजन के निम्नलिखित उद्देश्य भी रहे-


बेघर के लिए आश्रय (1987)
हमारा पड़ोस (1995)
भविष्य के शहर (1997)
सुरक्षित शहर (1998)
शहरी शासन में महिला (2000)
शहरों के लिए पानी और स्वच्छता (2001)
शहरों के बिना मलिन बस्तियों (2003)
गतिविधियाँ
विश्व पर्यावास दिवस का आयोजन विश्व के कई देशों में किया जाता है, जैसे भारत, चीन, पोलैंड, मेक्सिको, युगांडा, अंगोला और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे कई देशों में इसे मनाया जाता है। दुनिया भर में इसका आयोजन किया जाता है, ताकि विश्व भर में तीव्र नगरीकरण के बढ़ते हुए कारण और उनका वातावरण पर प्रभाव और गरीवी निवारण में उनकी भूमिका का पता लग सके, जैसे अवार्ड समारोह का आयोजन ("आवास स्क्रॉल ऑफ ऑनर")। यह पुरस्कार अति-महत्वपूर्ण पुरस्कारों की सूची में शामिल है। प्रतिवर्ष संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा कई विषयों का चुनाव किया जाता है। चुने गए विषय वस्तुतः पर्यावास के लिए महत्वपूर्ण तथ्य होते हैं और उसके विकास में अत्यंत ज़रूरी होते हैं। इन विषयों के चुनाव के पीछे मूल उद्देश्य विश्व भर में लोगों को पर्यावास उपलब्ध कराना और उनका बेहतर विकास करना होता है और सतत विकास की नीतियों को बढ़ावा देना होता है।


विश्व पर्यावास दिवस के बारे में कुछ तथ्य
विश्व पर्यावास दिवस एक वैश्विक अनुपालन है ना कि एक सार्वजनिक अवकाश है।
हर साल यूएन हैबिटेट प्रतिवर्ष के लिए निर्धारित थीम को प्रचार-प्रसार करने और पर्यावास को बढ़ावा देने के सन्दर्भ में जागरूकता को बढ़ाने के लिए गतिविधियों का आयोजन करता है, जिसमें हिस्सा लेने के लिए केंद्र सरकार, स्थानीय सरकार, नागरिक समाज, निजी क्षेत्र और मीडिया उसके सहयोगियों के रूप में कार्य करते हैं।
'पर्यावास स्क्रॉल ऑफ ऑनर' पुरस्कार, संयुक्त राष्ट्र के मानव बस्ती कार्यक्रम (यूएनएचएसपी) द्वारा वर्ष 1989 से शुरू किया गया था। इस पुरस्कार को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित मानव बस्ती पुरस्कार के तौर पर माना जाता है। इस पुरस्कार का मूल उद्देश्य ऐसे कार्यों को प्रारंभ करना है जो संघर्षरत और बेघर लोगों की पीड़ा को न केवल समझ सके बल्कि उन्हें दूर भी कर सके। इसके अलावा मानव बस्तियों के पुनर्निर्माण में सहयोग कर सके और शहरी जीवन की गुणवत्ता के विकास में सहयोग दे सके।



विविध तथ्य


संयुक्त राष्ट्र पर्यावास मिशन के अंतर्गत विविध तथ्य समाहित होते हैं, जैसे-


सभी के लिए सुरक्षित और स्वस्थ रहने वाले पर्यावरण का विकास विशेष रूप से बच्चों के लिए।
पर्याप्त और टिकाऊ परिवहन और ऊर्जा।
शहरी क्षेत्रों में हरियाली की स्थापना और पौधरोपण की व्यवस्था।
शुद्ध और सुरक्षित पीने के पानी के साथ ही स्वच्छता।
सांस लेने के लिए ताजा और प्रदूषण से रहित हवा।
लोगों के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर।
झुग्गी में रहने वाले लोगो में सुधार और शहरी योजना में वृद्धि।
अपशिष्ट पदार्थ की पुनरावृत्ति सहित बेहतर कचरा प्रबंधन।