वीरेंद्र सहवाग (जन्म- 20 अक्टूबर, 1978)

October 20, 2017

वीरेंद्र सहवाग (अंग्रेज़ी: Virender Sehwag, जन्म- 20 अक्टूबर, 1978) प्रसिद्ध पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी हैं। विश्व के सर्वश्रेष्ठ सलामी बल्लेबाज़ों में से एक रहे हैं। सहवाग ने अक्टूबर 2015 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। सहवाग एकमात्र ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने टेस्ट मैच में तिहरा शतक जड़ा है। सर डोनाल्ड ब्रेडमैन और ब्रायन लारा के बाद सहवाग दुनिया के तीसरे ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में दो बार तिहरा शतक बनाने का कीर्तिमान स्थापित किया है। सहवाग अपने पूरे करियर में भारतीय टीम को बहुत तेज शुरुआत देते थे और गेंदबाजों पर शुरू से ही हावी हो जाते थे। सहवाग जब क्रीज पर रहते थे, तब तक विरोधियों के माथे पर उनकी क्रीज पर मौजूदगी का खौफ साफ-साफ देखा जा सकता था।


जीवन परिचय
सहवाग का जन्म 20 अक्टूबर 1978 को हरियाणा के एक जाट परिवार में हुआ। सहवाग अपने माता-पिता के चार बच्चों में तीसरे संतान हैं। सहवाग से बड़ी दो बहनें मंजू और अंजू हैं जबकि उनसे छोटे एक भाई हैं जिनका नाम विनोद है। सहवाग के पिता कृष्ण सहवाग बताते हैं कि उनमें क्रिकेट के लिए प्यार सात माह की उम्र से ही जाग गया था, जब उनके पिता ने पहली बार उन्हें खिलौना बैट दिया था। इसके बाद बारह साल की उम्र में वह क्रिकेट के दौरान अपना दांत तुड़वाकर घर पहुंचे तो पिता ने क्रिकेट खेलने पर बैन लगा दिया था। यह बैन उनकी मां के हस्तक्षेप के बाद ही टूट पाया था। उसके बाद तो क्रिकेट उनका हमेशा पहला प्यार बना रहा। 2004 में सहवाग ने शादी रचाई और उनकी पत्नी हैं आरती सहवाग। इन दोनों के दो पुत्र हैं।


खेल जीवन
वीरू, नज़फगढ़ के नवाब, मुल्तान के सुल्तान और जेन मास्टर ऑफ़ माडर्न क्रिकेट के उपनामों से मशहूर वीरेंद्र सहवाग ने पहला अंतरराष्ट्रीय मैच 1999 में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ खेला था। इस मैच में सहवाग एक रन बनाकर चलते बने और गेंदबाजी के दौरान तीन ओवरों में 35 रन दे डाले। इसके बाद सहवाग को काफ़ी समय तक टीम में शामिल नहीं किया गया। जिंबाब्वे के ख़िलाफ़ घरेलू सीरीज में दिसंबर 2000 में सहवाग को फिर से टीम में शामिल किया गया। अगस्त 2001 में श्रीलंका और न्यूजीलैंड के ख़िलाफ़ ट्राई सीरीज में सहवाग ने पारी की शुरुआत करते हुए करियर का पहला अर्धशतक जमाया। इसी सीरीज में न्यूजीलैंड के ख़िलाफ़ 69 गेंदों पर शतक ठोककर सहवाग ने अपने हुनर का नमूना पेश किया।


कीर्तिमान


अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज गति से बनाया तिहरा शतक (319) जिसके लिए उन्होंने मात्र 278 गेंद खेलीं।
टेस्ट क्रिकेट में 30 से ज़्यादा औसत के साथ सहवाग का स्ट्राइक रेट (82.23) दुनिया में सबसे ज़्यादा है।
सहवाग एकमात्र ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टेस्ट मैच में तिहरा शतक जड़ा है। डॉन ब्रैडमैन और ब्रायन लारा के बाद सहवाग दुनिया के तीसरे बल्लेबाज हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में दो बार तिहरा शतक बनाने का कीर्तिमान स्थापित किया है।
इसके अलावा वह दुनिया के एकमात्र ऐसे क्रिकेट खिलाड़ी हैं जिन्होंने टेस्ट मैचों में दो तिहरे शतक बनाने के साथ एक पारी में पांच विकेट भी हासिल किए हैं।
सहवाग के आदर्श
सहवाग क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर को अपना मार्गदर्शक मानते हैं। अपनी बैटिंग शैली के लिए सहवाग की तुलना सचिन तेंदुलकर से की जाती है। बड़े स्कोर बनाने के मामले में वह ऑस्ट्रेलिया के सर डॉन ब्रैडमैन और वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा के समकक्ष ठहरते हैं। उनके आदर्श सचिन तेंदुलकर इस मामले में उनसे कहीं पीछे हैं।


बड़े शतक बनाने में माहिर
सहवाग अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में बड़े एवं धुंआधार शतक बनाने में माहिर माने जाते थे। सहवाग एकमात्र ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टेस्ट मैच में तिहरा शतक जड़ा है। डॉन ब्रैडमैन और ब्रायन लारा के बाद सहवाग दुनिया के तीसरे बल्लेबाज हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में दो बार तिहरा शतक बनाने का कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके अलावा वह दुनिया के एकमात्र ऐसे क्रिकेट खिलाड़ी हैं जिन्होंने टेस्ट मैचों में दो तिहरे शतक बनाने के साथ एक पारी में पांच विकेट भी हासिल किए हैं। सहवाग भारत के अकेले बल्लेबाज़ हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में सर्वाधिक 319 रन का रिकार्ड बनाया है। जो उन्होंने 2008 में चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ बनाया था। यह भारतीय रिकार्ड है। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में किसी बल्लेबाज द्वारा यह सबसे तेज गति से बनाया तिहरा शतक भी है। इसके लिए उन्होंने मात्र 278 गेंद खेलीं। इससे पहले उन्होंने 2004 में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मुल्तान में 309 रन की पारी खेली थी। मुंबई में श्रीलंका के ख़िलाफ़ तीन तिहरे शतक का विश्व रिकार्ड बनाने से मात्र सात रन से चूक गये। वह 290 और 299 के बीच आउट होने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज भी बने। सहवाग भारत की ओर से सर्वाधिक छ: दोहरे शतक बनाने वाले बल्लेबाज हैं। सहवाग को बड़े-बड़े शतक बनाने की आदत रही है। टेस्ट मैचों में उन्होंने जो अंतिम 11 शतक बनाए हैं सभी में 150 से ऊपर स्कोर किया है। इनमें दो तिहरे और तीन दोहरे शतक शामिल हैं। अपने पहले ही टेस्ट में शतक जड़ने वाले सहवाग की तुलना उनके आदर्श सचिन तेंदुलकर से की जाने लगी थी। लेकिन समय के साथ सहवाग ने साबित किया कि उनका अपना एक अलग स्टाइल है।


उतार चढ़ाव
सहवाग का अच्छा समय रहा तो बुरा समय भी रहा। लंबे समय तक वे भारतीय टीम से अलग भी रहे। ख़ासकर 2007 के विश्व कप के बाद तो उनका वनवास कुछ लंबा ही रहा। लेकिन वापसी हुई तो ज़बरदस्त। सहवाग ने वनडे के साथ-साथ टेस्ट में भी सलामी बल्लेबाज़ी की है और ख़ूब चले भी हैं। बल्ले के साथ-साथ सहवाग उपयोगी गेंदबाज़ भी हैं और कई मौक़े पर उन्होंने भारत को अहम सफलताएँ दिलाई हैं।


सम्मान और पुरस्कार
सहवाग को 2008 में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए ‘विजडन लीडिंग क्रिकेटर इन द वर्ल्ड’ से सम्मानित किया गया। सहवाग ने इस पुरस्कार को 2009 में भी अपने नाम किया। इसके अलावा वीरू को 2002 में अर्जुन पुरस्कार का सम्मान मिल चुका है।


Virender Sehwag About this sound pronunciation (help·info) (born 20 October 1978) is a former Indian cricketer, and a former captain, who played all forms of the game for fourteen years. Widely regarded as one of the most destructive batsmen of all time. Sehwag is an aggressive right-handed opening batsman and a part-time right-arm off-spin bowler. He played his first One Day International in 1999 and joined the Indian test side in 2001. In April 2009, Sehwag became the only Indian to be honoured as the Wisden Leading Cricketer in the World for his performance in 2008, subsequently becoming the first player of any nationality to retain the award for 2009.


Sehwag holds multiple records including the highest score made by an Indian in Test cricket (319 against South Africa at M. A. Chidambaram Stadium in Chennai), which was also the fastest triple century in the history of international cricket (reached 300 off only 278 balls) as well as the fastest 250 by any batsman (in 207 balls against Sri Lanka on 3 December 2009 at the Brabourne Stadium in Mumbai). Sehwag also holds the distinction of being one of four batsmen in the world to have ever surpassed 300 twice in Test cricket, and the only one to score two triple centuries and take a five-wicket innings haul.In March 2009, Sehwag smashed what was till then the fastest century ever scored by an Indian in ODI cricket, from 60 balls. On 8 December 2011, he hit his maiden double century in ODI cricket, against West Indies, becoming the second batsman after Sachin Tendulkar to reach the landmark.His score became the highest individual score in ODI cricket – 219 off 149 balls which was later bettered by Rohit Sharma – 264 off 173 balls on 13 November 2014. He is one of only two players in the world to score a double hundred in ODI and a triple hundred in Test Cricket, the other being Chris Gayle.


Sehwag was appointed as vice-captain of the Indian team under Rahul Dravid in October 2005 but due to poor form, he was later replaced by V. V. S. Laxman in December 2006 as Test vice-captain. In January 2007, Sehwag was dropped from the ODI team and later from the Test team as well.During his term as vice-captain, Sehwag skippered the team in place of injured Dravid in 2 ODIs and 1 Test. Following his return to form in 2008 and the retirement of Anil Kumble, Sehwag was reappointed as the vice-captain for both Tests and ODIs. By early 2009, Sehwag had reestablished himself as one of the best performing batsmen in ODI cricket.Sehwag retired from all forms of International cricket on 20 October 2015


On 31 October 2017, Delhi and District Cricket Association (DDCA) honoured Sehwag by naming Gate No.2 at the Feroz Shah Kotla Stadium after him.