नितिन गडकरी (जन्म- 27 मई, 1957)

May 27, 2017

नितिन गडकरी (जन्म- 27 मई, 1957, नागपुर, महाराष्ट्र) भारत के उद्योगपति और 'भारतीय जनता पार्टी' के वरिष्ठ राजनेता एवं वर्तमान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, जहाजरानी विभाग के केंद्रीय कैबिनेट मंत्री हैं। उन्हें दिसम्बर, 2009 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नौवें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुना गया। नितिन गडकरी 52 वर्ष की आयु में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बनने वाले पार्टी के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने।


जन्म तथा शिक्षा
गडकरी का जन्म महाराष्ट्र के नागपुर ज़िले में 27 मई, 1957 में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनका घर राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ के मुख्‍यालय के पास ही था। उन्होंने वाणिज्य में परास्नातक और इसके अलावा क़ानून तथा बिजनेस मनेजमेंट की पढ़ाई भी की है। उनके पिता जहाँ संघ के एक सामान्य कार्यकर्ता थे, वहीं माता एक प्रसिद्ध प्रचारक थीं। गडकरी के परिवार में उनकी पत्नी कंचन सहित दो बेटे, निखिल और सारंग तथा पुत्र वधुएँ और एक बेटी केतकी हैं।


नितिन गडकरी ने पहले 'अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद' के लिए काम किया। अपने छात्र जीवन में ही उन्होंने 'अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद' से जुड़कर अपने राजनीतिक सफ़र की शुरुआत कर दी थी। बाद में वे 23 साल की उम्र में 'भारतीय जनता युवा मोर्चा' के अध्यक्ष बने। उन्‍होंने अपने मजबूत राजनीतिक जीवन की शुरुआत भाजपा के लिए ज़मीनी स्‍तर के कार्यकर्ता के रूप में की। नितिन गडकरी की हैसियत राष्ट्रीय स्तर पर बहुत जानी पहचानी नहीं रही है, लेकिव वे आरएसएस के चहेते माने जाते हैं, क्योंकि वे संघ के एक प्रतिबद्ध और निष्ठावान स्वयंसेवक हैं। गडकरी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से पहले महाराष्ट्र में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे। वे महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य भी हैं। अपने ऊर्जावान व्यक्तित्व और सब को साथ लेकर चलने की ख़ूबी की वजह से वे हमेशा अपने वरिष्ठ लागों के प्रिय रहे। विवादों से भी उनका रिश्ता रहा है। लोक सभा के चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक बयान देने के लिए वे विवादों में घिरे और चुनाव आयोग ने उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया।


1995 में नितिन गडकरी महाराष्ट्र में शिव सेना और भारतीय जनता पार्टी की गठबंधन सरकार में लोक निर्माण मंत्री बनाए गए और चार साल तक मंत्री पद पर रहे। एक मंत्री के रुप में वे अपने अच्छे कामों और अपनी साफ़ छवि की वजह से सभी के चहेते रहे। 1989 में वे पहली बार विधान परिषद के लिए चुने गए थे, हालाँकि उससे पहले 1983 में वे चुनाव हार गए थे। वे पिछले 20 वर्षों से विधान परिषद के सदस्य हैं और आख़िरी बार 2008 में विधान परिषद के लिए चुने गए थे। वे महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता भी रहे हैं। उन्होंने अपनी पहचान ज़मीन से जुड़े एक कार्यकर्ता के तौर पर बनाई है। वे एक राजनेता के साथ-साथ एक कृषक और एक उद्योगपति भी हैं।


लोक सभा चुनावों में लगातार दूसरी बार हार के बाद भाजपा में जो उथल पुथल थी, उससे उबरने के लिए आरएसएस ने पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों के बदलने की बात कही थी। जब संघ ने यह कहा कि नया अध्यक्ष दिल्ली से नहीं होगा, तो नेता की तलाश हुई, जिसमें नितिन गडकरी के साथ गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पारिक्कर का भी नाम उभरकर सामने आया, किंतु लालकृष्ण आडवाणी के बारे में पारिक्कर के विवादास्पद बयान ने उनका पत्ता काट दिया और इस तरह उनका रास्ता अधिक आसान हो गया। आख़िर में लालकृष्ण आडवाणी की राय पर नितिन गडकरी के नाम पर आरएसएस ने अपनी मुहर लगा दी। शनिवार, 19 दिसंबर को भाजपा के संसदीय बोर्ड में उन्हें सर्वसम्मति से नया अध्यक्ष चुनने के लिए सहमति बन गई। पार्टी के संविधान के अनुरुप उनका कार्यकाल तीन साल का नियत हुआ। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में इनका कार्यकाल 1 जनवरी, 2010 से 22 जनवरी, 2013 तक रहा। इनके बाद उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह को भाजपा पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया।


Nitin Jairam Gadkari About this sound pronunciation (help·info); (born 27 May 1957) is an Indian politician and the current Minister for Road Transport & Highways, Shipping and Water Resources, River Development & Ganga Rejuvenation in the Government of India.Gadkari earlier served as the President of the Bharatiya Janata Party from 2010-2013.[2] He is also known for the works during his tenure as a Public Works Department Minister in the state of Maharashtra when he constructed a series of roads, highways and flyovers across the state including the Mumbai-Pune Expressway, India's first six-lane concrete, high-speed, access controlled tolled expressway.Nitin Gadkari was born in Nagpur, India. During his teens, he worked for the Bharatiya Janata Yuva Morcha and the student union Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad. He completed M.Com. and L.L.B. from University of Nagpur.



Nitin Gadkariserved as the Minister of Public Works Department (PWD) of the Government of Maharashtra from 1995 to 1999 and restructured it from top to bottom. He has served as the president of the Maharashtra BJP.


Gadkari strongly supported privatisation while he campaigned for investments in infrastructure from private firms. He addressed several meetings between private investors, contractors, builders and various trade organisations and diverted large amounts of budgeted projects towards privatisation. Subsequently, the state government allocated Rs. 7 billion for rural connectivity. Over the next 4 years, all-weather road connectivity in Maharashtra was extended to 98% of the population. The project aimed to connect 13,736 remote villages which remained unconnected since independence by road.[citation needed]. It also helped ameliorate malnutrition in remote Melghat-Dharni area of Amravati district, which previously had no access to medical aid, ration or educational facilities.


The Union Government appointed him as the Chairman of National Rural Road Development Committee. After a series of meetings and studies, Gadkari submitted his report to the central government and gave the presentation to the Hon. Prime Minister of India. His new report was accepted and a new rural road connecting scheme now popularly known as Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana was launched. The ambitious scheme is of ₹600 billion.


Just before the 2014 Maharashtra Assembly Elections, Election Commission of India on 6 October 2014 issued a show cause notice to Union Minister Nitin Gadkari for "statements to the effect of inducing the voters to take bribe" during campaigning in Maharashtra assembly polls. According to the English translation of the speech made by the former BJP president in Marathi, he had allegedly said: "Now, I am watching your faces and I have some skill of predicting the future by way of face reading. You have an opportunity of "Laxmi darshan" in next 10 days. Special people to get foreign made, ordinary people to get local brand. All are Gandhivadis asking for Rs. 5000. In these days of inflation, keep one thing in mind, eat what you wish and drink what you desire. Keep whatever you get. This is the time when illegally earned money can go to poor. Therefore, do not say no to Laxmi. But think while you vote. Your vote should be for the development of Maharashtra."


The Election Commission said his statement amounts to "abetting and promoting the electoral offence of bribery" within the meaning of Section 171 B read with Section 17l E of the IPC as it includes offering food, drink or entertainment.
Positions served
Ex Minister, Govt of Maharashtra
chairman, Purti Group of Companies
President, Bharatiya Janata Party, Maharashtra State
Ex-Leader of Opposition, Maharashtra Legislative Council
Former Minister for Public Works Department, Maharashtra State
Member of Legislative Council, Maharashtra State
Elected to the Maharashtra Govt. Legislative Council in 1989 from graduates constituency, Nagpur Region.[
Re-elected in the year 1990. 
Re-elected in the year 1996 and elected unopposed in 2002.[
Inducted in the Maharashtra State Government Cabinet as the Minister for Public Works on 27 May 1995.
Ex-Member of the High Power Committee for Privatisation, Government of Maharashtra. 
Ex-Chairman, Maharashtra State Road Development Corporation, India.
Ex-Guardian Minister for Nagpur District, Govt. of Maharashtra.
Ex-Chairman, Mining policy Implementation Committee, Govt. of Maharashtra.
Ex-Chairman, Metropolis Beautification Committee, Govt. of Maharashtra. 
Ex-Leader of Opposition, Maharashtra Legislative Council, Chairman National Rural Road Development Committee[13]
Chairman, Review Committee of CPWD, Govt. of India.
State President of Bhartiya Janata Party, Maharashtra.
National President of BJP, India.[