विनोद खन्ना (जन्म: 6 अक्टूबर, 1946)

October 06, 2017

विनोद खन्ना (अंग्रेज़ी: Vinod Khanna, जन्म: 6 अक्टूबर, 1946 - मृत्यु: 27 अप्रैल, 2017) हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता थे। वर्ष 1997 और 1999 में वे दो बार पंजाब के गुरदासपुर क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की ओर से लोकसभा सांसद भी चुने गए। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भारत सरकार में उन्होंने पर्यटन और संस्कृति मंत्री के तौर पर काम किया। बाद में उन्हें विदेश राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी दी गई थी। विनोद खन्ना अपने वक्त के सबसे हैंडसम अभिनेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत नकारात्मक किरदारों से की। बाद में वह मुख्यधारा के हीरो बन गए। उन्होंने सुनील दत्त की 1968 में आई फिल्म 'मन का मीत' में विलेन का किरदार निभाया।


जीवन परिचय
विनोद खन्ना का जन्म 6 अक्टूबर, 1946 में पेशावर, पाकिस्तान में हुआ था लेकिन विभाजन के बाद इनका परिवार मुंबई आकर बस गया था। इनके पिता किशनचन्द्र खन्ना एक बिजनेसमैन रहे हैं और माता कमला खन्ना एक कुशल गृहणी रही हैं। विनोद खन्ना ने दो शादियां कीं। पहली पत्नी गीतांजलि थीं, जिनसे 1985 में तलाक हो गया। बाद में उन्होंने उन्होंने कविता से शादी की। उनके तीन बेटे अक्षय खन्ना, राहुल खन्ना और साक्षी खन्ना हैं। उनकी एक बेटी है, जिसका नाम श्रद्धा खन्ना है।विनोद खन्ना का 27 अप्रैल, 2017 को निधन हो गया। वे 70 साल के थे। गुरुदासपुर से सांसद विनोद खन्ना ने मुंबई के रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में अंतिम सांस ली। काफी दिनों से वे कैंसर से जूझ रहे थे। अमिताभ बच्चन 'सरकार 3' के प्रमोशन के ‌ल‌िए एक इंटरव्यू दे रहे थे। जैसे ही उन्हें पता चला कि विनोद खन्ना का निधन हो गया है। उन्होंने अपना ‌इंटरव्यू बीच में ही छोड़ दिया और उनके परिवार से मिलने हॉस्पिटल पहुंच गए। भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी विनोद खन्ना के निधन पर दुख जताया है। ट्वीट कर उन्होंने लिखा, 'विनोद खन्ना एक पॉपुलर एक्टर के साथ समर्पित नेता और अद्भुत व्यक्ति थे। उनके निधन पर दुखी हूं। मेरी संवदनाएं साथ हैं।'


1968 में सुनील दत्त की फिल्म 'मन का मीत' से फिल्मी करियर शुरू करने वाले विनोद खन्ना की फिल्म 'एक थी रानी ऐसी भी' इसी महीने रिलीज़ हुई है। विनोद खन्ना का नाम ऐसे अभिनेताओं में शुमार था जिन्होंने शुरुआत तो विलेन के किरदार से की थी लेकिन बाद में हीरो बन गए। ये फिल्में थीं, पूरब और पश्चिम, सच्चा झूठा, आन मिलो सजन, मस्ताना, मेरा गांव मेरा देश, ऐलान आदि। 'मेरे अपने', 'दयावान', 'कुर्बानी', 'मेरा गांव मेरा देश' जैसी फिल्मों को उनकी यादगार भूमिकाओं के लिए याद किया जाता है। विनोद खन्ना ने 1971 में सोलो लीड रोल में फिल्म 'हम तुम और वो' में काम किया था। अपने करियर के शिखर दौर में विनोद खन्ना अचानक अभिनय को विदा कहकर आध्यात्मिक गुरु रजनीश के शिष्य हो गए थे।


1977 में अमिताभ बच्चन के साथ की गई फिल्म 'परवरिश' ने उन्हें बड़ा ब्रेक दिलाया। पहली बार इसी फिल्म से उन्होंने स्टारडम का स्वाद चखा। विनोद को 1971 में पहली सोलो लीड फिल्म 'हम तुम और वो' मिली। बाद में गुलजार के 'मेरे अपने' में शत्रुघ्न सिन्हा के अपोजिट निभाए गए उनके किरदार को आज भी लोग याद करते हैं। गुलजार की ही फिल्म 'अचानक' में मौत की सजा पाए आर्मी अफसर का किरदार निभाने के लिए भी उन्हें काफी तारीफ मिली। बाद में अमिताभ के अपोजिट हेराफेरी, खून पसीना, अमर अकबर एंथनी, मुकद्दर का सिकंदर में भी उन्होंने यादगार रोल निभाया। कहा जाता है कि अगर विनोद खन्ना ओशो के आश्रम न जाते तो आने वाले वक्त में वह अमिताभ बच्चन के स्टारडम को फीका कर देते। बहुत कम लोग ही जानते हैं कि विनोद खन्ना की सबसे हिट फिल्मों में से एक 'कुर्बानी' का रोल पहले अमिताभ बच्चन को ही ऑफर किया गया था। उन्होंने यह रोल ठुकरा दिया, जिसके बाद विनोद खन्ना ने यह किरदार निभाया। बाद में विनोद को 'रॉकी' फिल्म ऑफर की गई, लेकिन उन्होंने यह फिल्म नहीं की। इस फिल्म से संजय दत्त ने बॉलीवुड में एंट्री ली।


यादगार फ़िल्में


'मेरे अपने'
'कुर्बानी'
'पूरब और पश्चिम'
'रेशमा और शेरा'
'हाथ की सफाई'
'हेरा फेरी'
'मुकद्दर का सिकंदर'
‘अमर अकबर एंथनी’
'दयावान'
'मेरा गांव मेरा देश'

विनोद खन्ना ने 1998 में राजनीति में कदम रखा और उसी साल 12वीं लोकसभा चुनावों में पंजाब के गुरदासपुर से पहली बार भारतीय जनता पार्टी टिकट पर संसद पहुंचे। यह सिलसिला लगातार तीन बार चला। 1999 और 2004 के आम चुनावों में भी वह लगातार इसी सीट से जीते। 2002-03 में वह अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्‍व में केंद्र की बीजेपी सरकार में पर्यटन एवं संस्‍कृति राज्‍यमंत्री और 2003-04 में विदेश राज्‍यमंत्री रहे। 2009 में उन्‍होंने चुनाव नहीं लड़ा। उसके बाद 2014 में एक बार फिर उन्‍होंने बीजेपी के टिकट पर गुरदासपुर से चुनाव जीता और इस तरह चौथी बार मौजूदा 16वीं लोकसभा के सदस्‍य बने। संसद में वह कई कमेटियों के भी सदस्‍य रहे। 1 सितंबर, 2014 से वह रक्षा मामलों पर गठित स्‍टैंडिग कमेटी के सदस्‍य थे। इसके अलावा कृषि मंत्रालय की परामर्श कमेटी के भी सदस्‍य थे।


1999 में उनको फिल्मों में उनके 30 वर्ष से भी ज्यादा समय के योगदान के लिए फिल्मफेयर के लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित भी किया गया। 140 से भी अधिक फिल्‍मों में विविध किरदार निभाने वाले विनोद खन्‍ना को सबसे पहले 1974 में 'हाथ की सफाई' फिल्‍म के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मिला। उसी साल उनको नेशनल यूथ फिल्‍म अवार्ड भी मिला।


विनोद खन्ना के पिता का टेक्सटाइल, डाई और केमिकल का बिजनेस था। विनोद खन्ना के एक भाई और तीन बहनें हैं।
विनोद खन्ना बचपन में बेहद शर्मीले थे और जब वह स्कूल में पढ़ते थे, तो उन्हें एक टीचर ने जबरदस्ती नाटक में उतार दिया और तभी से उन्हें अभिनय करना अच्छा लगने लगा।


स्कूल में पढ़ाई के दौरान विनोद खन्ना ने 'सोलहवां साल' और 'मुग़ल-ए-आजम' जैसी फिल्में देखीं और इन फिल्मों ने उन पर गहरा असर छोड़ा।


विनोद खन्ना के पिता नहीं चाहते थे कि उनका बेटा फिल्मों में जाए, लेकिन अंत में विनोद की ज़िद के आगे उनके पिता झुक गए और उन्होंने विनोद को दो साल का समय दिया। विनोद ने इन दो सालों में मेहनत कर फिल्म इंडस्ट्री में जगह बना ली।


सुपरस्टार राजेश खन्ना, विनोद खन्ना के बेहद पसंदीदा अभिनेताओं में एक थे।
विनोद खन्ना को सुनील दत्त ने साल 1968 में फिल्म 'मन का मीत' में विलेन के रूप में लॉन्च किया। दरअसल यह फिल्म सुनील दत्त ने अपने भाई को बतौर हीरो लॉन्च करने के लिए बनाई थी। वह तो पीछे रह गए, लेकिन विनोद ने फिल्म से अपनी अच्छी पहचान बना ली।


हीरो के रूप में स्थापित होने के पहले विनोद ने 'आन मिलो सजना', 'पूरब और पश्चिम', 'सच्चा झूठा' जैसी फिल्मों में सहायक या खलनायक के रूप में काम किया।


गुलजार द्वारा निर्देशित 'मेरे अपने' (1971) से विनोद खन्ना को चर्चा मिली और बतौर नायक वे नजर आने लगे।
मल्टीस्टारर फिल्मों से विनोद को कभी परहेज नहीं रहा और उन्होंने उस दौर के सितारे अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, सुनील दत्त आदि के साथ कई फिल्में साथ में कीं।


बागवानी के बेहद शौकीन विनोद खन्‍ना को ध्‍यान, क्रिकेट, खेल, संगीत, फोटोग्राफी और ड्राइविंग का भी बेहद शौक था। उनको बैडमिंटन खेलने का शौक था। स्‍कूल और कॉलेज के दिनों में वह खेलों में हिस्‍सा लेते थे। वह कॉलेज के दिनों में जिमनास्‍ट और बॉक्‍सर भी थे।


Vinod Khanna (6 October 1946 – 27 April 2017) was an Indian actor and producer of Bollywood films.He was the recipient of two Filmfare awards. He was also an active politician and was the MP from the Gurdaspur constituency between 1998–2009 and 2014–2017. In July 2002, Khanna became the minister for Culture and Tourism in the Atal Behari Vajpayee cabinet. Six months later, he became the Minister of State for external affairs.


Khanna played lead roles in many films and is best remembered for his performances in Mere Apne, Mera Gaon Mera Desh, Kuchhe Dhaage, Gaddaar, Imtihaan, Muqaddar Ka Sikandar, Inkaar, Amar Akbar Anthony, Rajput, The Burning Train, Qurbani, Kudrat, Parvarish, Khoon Pasina, Dayavan, Chandni and Jurm.


After making his debut in 1968, Khanna first acted in supporting and antagonistic roles; as an angry young man in the movie Mere Apne, as the main villain in the super-hit movie Mera Gaon Mera Desh,and as the military officer turned fugitive in the critically acclaimed movie Achanak, which was a film based on the events of K. M. Nanavati v. State of Maharashtra.


In 1982, at the peak of his film career, Khanna temporarily quit the film industry to follow his spiritual guru Osho Rajneesh. After a 5-year hiatus, he returned to the Hindi film industry with two hit films; Insaaf and Satyamev Jayate.


Khanna was born in a Punjabi Hindu family to Kamla and Krishanchand Khanna on 6 October 1946, in Peshawar, British India (now in Pakistan). He had three sisters and one brother. Shortly after his birth, India was partitioned and the family left Peshawar and moved to Mumbai.


He attended St. Mary's School, Mumbai until class II and then transferred to Delhi. In 1957, the family moved to Delhi where he attended Delhi Public School, Mathura Road. Although the family moved back to Mumbai in 1960, he was sent to Barnes School in Deolali, near Nashik. During his time at the boarding school Khanna watched the epics Solva Saal and Mughal-e-Azam and fell in love with motion pictures. He graduated with a commerce degree from Sydenham College, Mumbai.



In 1997, Khanna joined the Bharatiya Janata Party (BJP) and was elected from Gurdaspur constituency in Punjab in the next year's Lok Sabha poll. In 1999, he was re-elected to the Lok Sabha from the same constituency. Later, he became union minister for culture and tourism in July 2002. Six months later, he was moved to the ministry of external affairs (MEA) as Minister of State. In 2004 he won re-election from Gurdaspur. However, Khanna lost out in the 2009 general elections. In the 2014 general election he was again elected for the 16th Lok sabha from the same constituency.


Khanna met his first wife Gitanjali in college.Khanna married Gitanjali in 1971 and had two sons with her, Rahul and Akshaye; both became Bollywood actors. In 1975, he became a disciple of Osho and in the early 1980s, moved to Rajneeshpuram. Khanna and Gitanjali settled for a divorce in 1985.


In 1990, upon returning to India, Khanna married Kavita Daftary, daughter of industrialist Sharayu Daftary. They had a son, Sakshi (born 1991), and a daughter, Shraddha.


Khanna was hospitalised at the Sir H.N. Reliance Foundation Hospital and Research Center in Girgaon, Mumbai on 2 April 2017 for a few weeks after suffering from severe dehydration.He died at 11:20 a.m. (IST) on 27 April, and it was revealed that he had been battling advanced bladder cancer. Although the news about his deteriorating health started to spread in early 2017, his family declined to disclose any information. He was cremated at the Worli Crematorium on the same day.


Awards and nominations
Vinod Khanna won his first filmfare award for Haath Ki Safai.


1975 – Filmfare Best Supporting Actor Award for Haath Ki Safai
1977 – Filmfare Nomination as Best Supporting Actor for Hera Pheri
1977 – Filmfare Nomination as Best Actor for Shaque
1979 – Filmfare Nomination as Best Supporting Actor for Muqaddar Ka Sikander
1981 – Filmfare Nomination as Best Actor for Qurbani
1999 – Filmfare Lifetime Achievement Award
2005 – Stardust Awards – Role Model for the Year
2007 – Zee Cine Award for Lifetime Achievement



Filmography
Year Film Role Notes
1968 Man Ka Meet
1969 Nateeja
1970 Sachaa Jhutha Inspector Pradhan
Aan Milo Sajna  Anil Choudhury
Mastana Police Inspector Prasad
Purab Aur Paschim Gopi's groom
1971 Mera Gaon Mera Desh Jabbar Singh
Reshma Aur Shera Vijay Singh
Mere Apne  Shyam
Elaan Ram Singh
Hungama Preetam
Rakhwala Shyam
Preetam Anil Thakur
Jaane-Anjaane Police Inspector Hemant
Dost Aur Dushman
Hum Tum Aur Woh  Vijay
Memsaab Arjun
Guddi  Himself shooting of Mere Apne (uncredited)
1972 Parichay Amit
Do Yaar
Ek Bechara
Ek Hasina Do Diwane Prakash
Ek Khiladi Bawan Pattey Inspector Chetan
Parchhaiyan
1973 Kuchhe Dhaage  Thakur Lakhan Singh
Achanak Major Ranjeet Khanna 
Anokhi Ada Gopal
Dhamkee 
Gaddaar Inspector Raj Kumar 'Raja'
Paanch Dushman
Pyaar Ka Rishta
1974 Aarop Subhash
Haath Ki Safai  Shankar Kumar Winner, Filmfare Best Supporting Actor Award
Imtihan  Pramod Sharma
Kunwara Baap Police Inspector Ramesh Guest Appearance
Patthar Aur Payal Surajbhan Singh 'Sarju'
Chowkidar Gopal
Farebi
1975 Zameer Daku Suraj Singh / Chimpoo
Qaid Advocate Jai Saxena
Prem Kahani Sher Khan
Sewak
1976 Hera Pheri Ajay Nominated, Filmfare Best Supporting Actor Award
Lagaaam
Nehle Pe Dehla  
Shankar Shambhu Pappu R. Singh/Shambhu L. 'Chhotey Thakur' Singh
Shaque Vinod Joshi Nominated, Filmfare Best Actor Award
1977 Parvarish  Kishan
Adha Din Adhi Raat
Amar Akbar Anthony Amar 
Khoon Pasina  Aslam Sher Khan / Shera
Hatyara  Vijay D. Singh/Inspector Ajay Singh
Aap Ki Khatir Sagar
Jallianwala Bagh
Maha Badmaash
Chor Sipahee Raja Dada / Raja Khanna
1978 Main Tulsi Tere Aangan Ki  Ajay Chouhan
Daaku Aur Jawan
Muqaddar Ka Sikandar Vishal Anand Nominated, Filmfare Best Supporting Actor Award
Aakhri Daku
Khoon Ka Badla Khoon
Khoon Ki Pukaar  Sher Singh/Amrit
Inkaar  CID Officer Amarnath "Amar" Gill
1979 Lahu Ke Do Rang Inspector Raj Singh / Gopi Lathuria
Do Shikaari Satish
Yuvraaj  Gajendra/ Vikramdev
Meera Rana Bhojraj Sesodia
Sarkari Mehmaan Anand
1980 The Burning Train Vinod Verma
Qurbani Amar  Nominated, Filmfare Best Actor Award
Garam Khoon  Ravi/Babloo Double Role
Zalim
Bombay 405 Miles Kanhaiya
1981 Ek Aur Ek Gyaraah
Khuda Kasam Sumer Singh
Jail Yatra Raju Verma
Kudrat Dr. Naresh Gupta
1982 Rajput Bhanu
Raaj Mahal 
Insaan
Daulat Ravi/ Kunwar Dilip Singh
Taaqat
1983 Daulat Ke Dushman Vinod
1987 Insaaf Avinash Kapoor
Satyamev Jayate Police Inspector Arjun Singh
Zameen
1988 Dayavan Shakti Vellu/ Dayavan
Rihaee Amarji
Aakhri Adaalat Inspector Amar Kaushal
Faisla Birju
1989 Chandni  Lalit Khanna
Batwara Vikram Singh
Suryaa: An Awakening  Suraj Singh
Mahaadev Arjun Singh
Ustaad
1990 Muqaddar Ka Badshaah Naresh
Jurm  Inspector Shekhar Varma
C.I.D.  Police Inspector Veer Sehgal
Lekin... Samir Yogi
Maha-Sangram Vishal
Kaarnama Suraj
Pathar Ke Insan Arjun
1991 Khoon Ka Karz  Karan
Farishtay Dheeru
Dharam Sankat Birju
Garajna Unrealeased
1992 Parampara  Thakur Prithvi Singh
Humshakal Insp. Vinod/Sunil Kumar/Dadu Kaliya
Nishchaiy Ravi Yadav
Maarg 
Police Aur Mujrim  DSP Vishal Khanna
Waqt Ka Badshah
1993 Kshatriya Raja Jaswant Singh (Mirtagarh)
Insaniyat Ke Devta  Balbir
1994 Eena Meena Deeka  Deeka
Ekka Raja Rani Vishal 'Vicky' Kapoor
Pyar Ka Rog Army Officer
1995 Janam Kundli Randhir 'Junior' Mehra
1996 Muqadama Captain Ajit Singh
1997 Dus General Incomplete
Himalay Putra ACP Suraj Khanna Also Producer of the film
Dhaal Inspector Varun Saxena
2001 Deewaanapan Ranvir Choudhary
2002 Kranti Awadesh Pratap Singh
Leela Nashaad
2004 Bhola in Bollywood Himself Special Appearance
2005 Pehchaan: The Face of Truth Advocate
2007 Godfather Abdullah Khan Lead role
Risk Khalid Bin Zamal
2008 Halla Bol Himself Special Appearance
2009 99 JC
Wanted Retd. Police Officer Shrikant Shekhawat
Fast Forward Palaash
2010 Dabangg Prajapati Pandey
Red Alert: The War Within Krishnaraj
2012 Dabangg 2 Prajapati Pandey
Players Victor Braganza
2013 Ramaiya Vastavaiya Station Master
2014 Koyelaanchal Saryu Bhan Singh
2015 Chooriyan Besant Singh
Dilwale Randhir Bakshi 
2017 Ek Thi Rani Aisi Bhi Jivaji Rao