आत्माराम (जन्म- 12 अक्टूबर, 1908)

October 12, 2017

डॉ. आत्माराम (अंग्रेज़ी: Dr. Atmaram, जन्म- 12 अक्टूबर, 1908, बिजनौर, उत्तर प्रदेश; मृत्यु- 6 फ़रवरी, 1983) अर्थपरक वैज्ञानिक प्रौद्योगिकी के पक्षधर एक भारतीय वैज्ञानिक थे, जिनका चश्मे के काँच के निर्माण में सराहनीय योगदान रहा था। इनकी स्मृति में 'केन्द्रीय हिन्दी संस्थान' द्वारा 'आत्माराम पुरस्कार' दिया जाता है। आत्माराम जी विज्ञान की शिक्षा अपनी भाषा में देने पर जोर देते थे। उनके जीवन में इतनी सादगी थी कि लोग सम्मान के साथ उन्हें गांधीवादी विज्ञानी कहा करते थे।


जन्म तथा शिक्षा
प्रसिद्ध वैज्ञानिक और औद्यौगिक अनुसंधानशालाओं के महानिदेशक डॉ. आत्माराम का जन्म 12 अक्टूबर सन 1908 में उत्तर प्रदेश राज्य के बिजनौर ज़िले में पीलाना नामक स्थान पर हुआ था। आत्माराम जी ने अपनी शिक्षा के अंतर्गत बी.एससी. की डिग्री कानपुर से तथा एम.एससी. और पी.एचडी. इलाहाबाद से की। 6 फ़रवरी, 1983 ई. को देश के महान वैज्ञानिक आत्माराम जी का निधन हो गया।


विज्ञान की शिक्षा प्राप्त करने के बाद आत्माराम ने कांच और सेरोमिक्स पर शोध आरंभ किया। ऑप्टिकल कांच अत्यंत शुद्ध कांच होता है और उसका उपयोग सूक्ष्मदर्शी और विविध प्रकार के सैन्य उपकरण बनाने में किया जाता है। भारत में यह कांच जर्मनी से आयात होता था। इस पर प्रतिवर्ष बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा व्यय होती थी। डॉ. आत्माराम ने बड़ी लगन के साथ शोध करके भारत में ही ऐसा कांच बनाने की विधि का अविष्कार कर लिया। इससे न केवल देश की आत्मनिर्भरता बढ़ी वरन औद्योगिक क्षेत्र में उसके सम्मान में भी वृद्धि हुई। 1967 में आत्माराम जी को देश की प्रमुख वैज्ञानिक संस्था 'वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद' का महानिदेशक बनाया गया।


डॉ. आत्माराम विज्ञान की शिक्षा अपनी भाषा में देने पर जोर देते थे। उन्होंने स्वयं लिखा था-


"विद्यार्थि जीवन में अंग्रेज़ी का अभ्यास कम होने के कारण कैमिस्ट्री मेरी समझ में नहीं आती थी, परंतु जब एक बार डॉ. फूलदेव सहाय वर्मा ने रसायन विज्ञान की मूल बातें हिंदी में समझा दीं तो मेरी गाड़ी चल पड़ी।"
गांधीवादी विज्ञानी
उनके अनुसंधान को देखते हुए सोवियत रूस के टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट ने उन्हें 'डॉक्टर ऑफ़ टेक्नोलोजी' की उपाधि दी थी। डॉ. आत्माराम के जीवन में इतनी सादगी थी कि लोग सम्मान के साथ उन्हें 'गांधीवादी विज्ञानी' कहा करते थे।


शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार (1959)
पद्म श्री (1959)


Dr. Atmaram (12 October 1908 – 6 February 1983) was an Indian scientist. In his memory, the Atmaram Award is given by the Central Institute of Hindi, an autonomous institute run by the Ministry of Human Resource Development of the Government of India. He was the Director of Central Glass and Ceramic Research Institute and assumed the post of Director General of Council of Scientific and Industrial Research on 21 August 1966.He was also Principal Advisor to Prime Minister and Union Cabinet on Science and Technology from 1977 to 1983.


The Government of India honoured him in 1959, with the award of Padma Shri, the fourth highest Indian civilian award for his contributions.


Dr. Atma Ram was born in Pilana village, Chandpur in Bijnor, Uttar Pradesh. His father name was Lala Bhagwandas.