जसपाल भट्टी (मृत्यु: 25 अक्टूबर 2012)

October 25, 2017

जसपाल भट्टी ( जन्म: 3 मार्च 1955 – मृत्यु: 25 अक्टूबर 2012) भारतीय हिन्दी फ़िल्मों के अभिनेता और प्रसिद्ध हास्य कलाकार थे। जसपाल भट्टी सिर्फ हास्य कलाकार नहीं थे बलिक वह जीवन की विडंबनाओं पर चुटीली टिप्पणियां करने वाले सधे हुए व्यंग्यकार थे। महंगाई, भ्रष्टाचार, नेताओं के पाखंड या जीवन के दूसरे सवालों पर उन्होंने बहुत सधे हुए संवाद किए। 80 और 90 के दशक में दूरदर्शन पर उनके कार्यक्रम 'फ़्लॉप शो' और 'उल्टा−पुल्टा' बेहद चर्चित हुए।


जीवन परिचय
जसपाल भट्टी का जन्म 3 मार्च 1955 को अमृतसर में हुआ। जसपाल भट्टी ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर की उपाधि ली। अपने कॉलेज के दिनों में ही वह अपने नुक्कड़ नाटक नॉनसेंस क्लब से मशहूर हो गए थे। उनके अधिकतर नाटकों में भ्रष्टाचार और नेताओं का बहुत ही मनोरम अंदाज़ में मज़ाक उड़ाया गया, जिसको लोगों ने हाथों हाथ लिया। उनके लोकप्रिय होने की वजह थी मध्यम वर्ग के रोज़मर्रा के मुद्दों को दिलचस्प अंदाज़ में उठाना। 


जालंधर में शाहकोट के पास 25 अक्टूबर 2012 को तड़के क़रीब तीन बजे हुए एक सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई। वह 57 साल के थे। इस हादसे में जसपाल भट्टी के बेटे जसराज, उनकी फ़िल्म की हिरोइन और पीआरओ नवीन जोशी घायल हो गए। समाचार पत्रों के मुताबिक जसपाल भट्टी अपनी फ़िल्म 'पावर कट' के प्रमोशन के लिए भठिंडा से जालंधर जा रहे थे। होंडा अकॉर्ड कार से वह अपनी टीम के साथ थे।


 टेलीविजन में अपने कार्यक्रम प्रस्तुत करने से पूर्व वह चंडीगढ़ से प्रकाशित 'द ट्रिब्यून' में कार्टूनिस्ट थे। उन्होंने पंजाब पुलिस पर करारा व्यंग्य करते हुए 'माहौल ठीक है' का निर्देशन किया और उनका यह पहला निर्देशन ही काफ़ी चर्चित रहा। उन्होंने 'फना' फ़िल्म में एक गार्ड जाली गुड सिंह की भूमिका अदा की थी। उन्होंने पंजाबी की हास्य फ़िल्म 'जीजाजी' में भी अभिनय किया था। भट्टी और उनकी पत्नी सविता ने 2008 में रियलिटी शो 'नच बलिये' में भी भाग लिया था और दोनों में अपने नृत्य एवं हास्य के ज़रिये दर्शकों का खूब मनोरंजन किया था।


बहुत छोटे बजट की शृंखला 'फ्लॉप शो' तो मध्यम वर्ग के लोगों की समस्याओं को एक विशिष्टता के साथ उठाने के लिए आज भी याद की जाती है। जसपाल भट्टी की पत्नी सविता भट्टी इस शो की न सिर्फ निर्माता थीं, बल्कि इसकी सभी कड़ियों में उन्होंने उनकी पत्नी की भूमिका भी निभाई थी। छोटे पर्दे पर अपने शो की सफलता के बाद भट्टी ने हिन्दी और पंजाबी फ़िल्मों में काम किया। भट्टी कई रियलिटी शो में नजर आए। 'कॉमेडी का किंग कौन' में वह अभिनेत्री दिव्या दत्ता के साथ सह-निर्णायक बने। 'नच बलिये' में उन्हें पत्नी के साथ अपना नृत्य कौशल दिखाते देखा गया। चंडीगढ़ के समीप मोहाली में उन्होंने अपना एक प्रशिक्षण स्कूल स्थापित किया, जिसका नाम 'जोक फैक्टरी' रखा।


वर्ष 1999 में वह फ़िल्म ‘जानम समझा करो’ में सलमान खान के निजी सचिव बने और इस भूमिका में लोगों ने उन्हें खूब पसंद किया। आमिर खान, काजोल अभिनीत 'फना' में वह जॉली गुड सिंह नामक गार्ड बने। उन्होंने हास्य प्रधान पंजाबी फ़िल्म 'जीजाजी' में भी काम किया। दर्शकों को हंसा-हंसाकर लोटपोट करने की कला में माहिर भट्टी ने पंजाबी भाषा में बनी 'माहौल ठीक है' फ़िल्म का निर्देशन किया। पंजाब पुलिस पर बनी यह फ़िल्म दर्शकों को बहुत अच्छी लगी।


प्रसिद्ध फ़िल्में


पॉवर कट (2012)
मौसम (2011)
हम तुम शबाना
चक दे फट्टे
एक द पॉवर ऑफ़ लव (2009)
फ़ना (2006)
कुछ मीठा हो जाये (2005)
कुछ ना कहो (2003)
तुझे मेरी कसम (2003)
जानी दुश्मन (2006)
कोई मेरे दिल से पूछे (2006)
शक्ति (2002)
ये है जलवा (2002)
हमारा दिल आपके पास है (2002)
खौफ़ (2002)
जानम समझा करो (1999)
काला साम्राज्य (1999)
आ अब लौट चलें (1999)
कारतूस (1999)


चुटीले हास्य के महारथी
जसपाल भट्टी के चुटीले हास्य की खूबी थी अपने आप पर हँसने और मज़ाक उड़ाने की कला अपनी वेबसाइट पर वह अपना परिचय कुछ इस अंदाज़ में देते थे, ‘मैं सनडे ट्रिब्यून में नियमित कॉलम लिखता हूँ जिसकी वजह से ही उसकी बिक्री घटती जा रही है’ अपने जीवन परिचय में वह अपने सारे स्कूलों के नाम बताया करते थे जहां उन्होंने पढ़ाई की थी। इसके बाद उनकी टिप्पणी होती थी कि इससे यह हरगिज़ मत समझिएगा कि मैं बहुत पढ़ा लिखा हूँ। वास्तव में मेरे सारे अध्यापक मुझे अपना शागिर्द कहते हुए शरमाते हैं।[1]


चंडीगढ़ के समीप मोहाली में उनका एक एनीमेशन स्कूल 'मैड आर्ट्स' भी है, जहां उन्होंने 52 कड़ियों वाली हास्य शृंखला 'थैंक यू जीजाजी' भी तैयार की। इस स्कूल ने बालिका भ्रूण हत्या पर एक एनीमेशन फ़िल्म भी बनाई, जिसे वन टेक मीडिया द्वारा आयोजित 'एडवान्टेज इंडिया' में दूसरा पुरस्कार प्रदान किया गया। जसपाल भट्टी की अंतिम फ़िल्म 'पॉवर कट' है, जो पंजाब में लगातार की जाने वाली बिजली कटौती पर आधारित है


Jaspal Singh Bhatti (3 March 1955 – 25 October 2012) was a Punjabi Sikh television personality famous for his satirical take on the problems of the common man. He is most well known for his television series Flop Show and mini capsules Ulta Pulta which ran on Doordarshan, India's national television network, in the late 1980s and early 1990s. He was commonly known as "King of Comedy" and also "King of Satire".


In 2013, he was honoured with the Padma Bhushan (posthumously), India's third highest civilian award.


Born on 3 March 1955 at Amritsar, Bhatti graduated from Punjab Engineering College, Chandigarh as an electrical engineer. Bhatti married Savita Bhatti on 24 March 1985, and has a son, Jasraj Bhatti, and a daughter, Raabiya Bhatti.[3][4] His wife Savita Bhatti was chosen in 2014 Elections as a Candidate of Aam Aadmi Party from Chandigarh, but she opted out.



His low-budget Flop Show TV series in the early 1990s is remembered even today. His wife Savita Bhatti produced the show and acted in all the episodes as his wife. Only 10 episodes were ever produced, but the show has had a long and powerful legacy and is well remembered. One of his co-actors Vivek Shauq has been very successful since his stint in Flop Show, having found a footing in Hindi cinema. On 10 January 2011, Shauq died from septicaemia.



Bhatti subsequently acted and directed the popular TV series Ulta Pulta and Nonsense Private Limited for the Doordarshan television network. What attracted audience to his shows was his gift of inducing humour to highlight everyday issues of the middle class in India. Bhatti's satire on the Punjab police Mahaul Theek Hai (1999) was his first directorial venture for a full-length feature film in his native Punjabi language. It was well received amongst audience for its simple and honest humour. He played the role of Jolly Good Singh, a guard, in the movie Fanaa. He played a comical college principal in Koi Mere Dil Se Poochhe. He also starred in the comedy Punjabi film Jijaji.


Bhatti acted in Hindi Movie Aa Ab Laut Chalen with Kadar Khan in 1999.


Bhatti appeared in SAB TV's Comedy ka King Kaun as a judge with actress Divya Dutta. In his latest stint, Bhatti and his wife Savita competed in a popular Star Plus show Nach Baliye which went on air in October 2008. The couple put their best foot forward to entertain the audiences with their dancing and comic skills.


The cartoonist, humorist, actor and filmmaker was focusing on acting as he was getting numerous offers from Bollywood producers as a comedian.


In his later years, Jaspal Bhatti set up a training school and a studio in Mohali near Chandigarh called "Joke Factory".


He also launched a new 52-episode comedy series titled Thank You Jijaji on Sony's family entertainment channel, SAB TV. It was shot at his own MAD Arts film school at Chandigarh.


At a 2009 carnival at Chandigarh, Bhatti put up a stall displaying vegetables, daal and oils. The onlookers were invited to throw rings around them to win these costly goods as prizes, poking fun at the government's failure to control inflation.


In 2009, Bhatti school's, Mad Art's, animation film on female foeticide won the second prize in the Advantage India organised by 1take media. It won a certificate of merit at the IDPA-2008 Awards in Mumbai.


Bhatti was granted the Lifetime Achievement Award, at the first Golden Kela Awards.


Jaspal Bhatti was awarded Padma Bhushan posthumously on Republic Day 2013 for his contribution to Arts.
Bhatti was known for floating his political parties during elections to highlight the problems faced by the general public.


In 1995, he floated the 'Hawala Party' delighting passers-by with his original poker faced take on growing political corruption in the country which was already a hotly discussed topic in the context of the Jain-Hawala Diaries.


In 2002, Bhatti announced that he was starting the "Suitcase Party" & released his manifesto allotting 5 seats to his family & more seats to be decided based on the suitcase size of the prospective candidates.


2009 में, कॉमेडियन ने घोषणा की कि वह लुधियाना से अपनी पार्टी के चेहरे के रूप में "मंदी पार्टी" और भजना अमली, उर्फ गुरदेव ढिल्लन को तैर रहे थे। अपने ट्रेडमार्क व्यंग्यात्मक शैली में, उन्होंने अपनी पार्टी के प्रतीक को अफीम, ड्रग्स और अल्कोहल के रूप में रखा, जिसके लिए उन्होंने दावा किया कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में है, तो आपूर्ति में कोई कमी नहीं होगी।
25 अक्टूबर 2012 को जालंधर जिले में शाहकोट के पास एक कार दुर्घटना में भट्टी की मृत्यु हो गई, 57 साल की उम्र में। कार उनके बेटे जसराज भट्टी द्वारा संचालित की जा रही थी। जसपाल की मृत्यु उनके बेटे जसराज अभिनीत फिल्म पॉवर कट की रिलीज से ठीक एक दिन पहले हुई। वह अपनी पत्नी और बच्चों से बच गया है।