सर्बानन्द सोनोवाल (जन्म: 31 अक्टूबर, 1962)

October 31, 2017

सर्बानन्द सोनोवाल (जन्म: 31 अक्टूबर, 1962, डिब्रुगढ़, असम) असम के 14वें मुख्यमंत्री और भारत की सोलहवीं लोकसभा के सांसद हैं। 2014 के चुनावों में ये असम की लखीमपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर निर्वाचित हुए हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल में इन्हें खेल एवं युवा मामलों के राज्‍यमंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) का पद दिया। मई, 2016 में हुए असम विधान सभा चुनाव में यह भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार थे। चुनावों में पार्टी के विजयी होने के बाद सोनोवाल ने 26 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।


परिचय
सर्बानन्द सोनोवाल का जन्म असम के डिब्रूगढ़ में 31 अक्टूबर, 1962 को हुआ था। इनके पिता का नाम जीवेश्वर सोनोवाल और माता का नाम दिनेश्वरी सोनोवाल है। इन्होंने डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय से स्नातक किया और उसके बाद क़ानून की पढ़ाई के लिए गुवाहाटी विश्वविद्यालय गये। यहीं से उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत भी की। ये छात्र जीवन के दौरान ही छात्र राजनीति में भी संलग्न रहे। वर्ष 1996 से 2000 तक ये पूर्वोत्तर छात्र संगठन (एन.ई.एस.ओ) के अध्यक्ष भी रहे। मौजूदा समय में यह असम के लखीमपुर सीट से लोकसभा सांसद हैं। इससे पहले यह असम भाजपा के अध्यक्ष रह चुके हैं। सोनोवाल को असम के युवा नेता के तौर प जाना जाता है। इन्हें असम का जातीय नायक भी कहा जाता है क्योंकि ये असम के कछारी जनजाति के समुदाय से आते है। भाजपा ने असम चुनाव में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है।


सर्बानन्द सोनोवाल ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत ऑल असम स्टूडेंट यूनियन से की थी। साल 1992 से लेकर 1999 तक यह इसके प्रेसीडेंट भी रह चुके हैं। सोनोवाल ने साल 2001 में असम गण परिषद को ज्वाइन किया और उसी साल ये MLA बन गए। डिब्रूगढ़ में पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन सिंह को हराकर सोनोवाल ने पहली बार साल 2004 में लोकसभा में कदम रखा। असम गढ़ परिषद में हुई कुछ असमानताओं के चलते इन्होंने साल 2011 में भाजपा का दामन थाम लिया। भारतीय भाजपा जनता पार्टी में साल 2012 में इन्हें असम यूनिट का प्रेसीडेंट बनाया गया। लोकसभा में वापसी करने से पहले सोनोवाल साल 2014 तक असम BJP के चीफ भी रह चुके हैं। नरेंद्र मोदी की सरकार में इन्हें राज्य मंत्री बनाया गया था। यह साल 2015 में एक बार फिर असम यूनिट के चीफ के तौर पर चुने गए। सोनोवाल को इस बात का श्रेय दिया जाता है कि उन्होंने उस गैरकानूनी प्रवासी (न्यायाधिकरण द्वारा निर्धारित) अधिनियम को सफलतापूर्वक चुनौती दी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 2005 में असंवैधानिक बताया था।


असम में बांग्लादेश के नागरिकों की अवैध स्थानांतरण, जो हमेशा से ही बड़ी समस्या रहा है। बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से भारत में आने से रोकने के लिए इल्लीगल माइग्रैंड्स डिटर्मिनेशन बाई ट्राइब्युनल एक्ट 1983 अस्तित्व में आया है। यह एक्ट भारत सरकार और ऑल स्टूडेंट यूनियन के बीच हुआ था। इस एक्ट के अनुसार असम में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को असम में रहने की अनुमति दी गयी थी। यह क़ानून उन विदेशी नागरिकों पर लागू होता है जो 25 मार्च 1971 के बाद असम में बसे थे। सोनोवाल अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट ले गये और कोर्ट ने इस एक्ट को खत्म करने का आदेश दिया। कोर्ट ने इस क़ानून को गलत ठहराया और बांग्लादेशी नागरिकों को असंवैधानिक करार दिया।


Sarbananda Sonowal (born 31 October 1961) is an Indian politician who has been Chief Minister of Assam since 2016. Previously he served as Union Minister for Sports & Youth Affairs and Minister of State for Entrepreneurship and Skill Development in the Narendra Modi Government.


He was elected to the 16th Lok Sabha from the Lakhimpur Lok Sabha constituency in Assam as a member of the Bharatiya Janata Party. He has previously served as the president for BJP Assam,and is also a National Executive Member of the party. Sonowal was the president of the All Assam Students Union from 1992 to 1999. Until January 2011, he was a member of the Asom Gana Parishad (AGP) political party but later joined the Bharatiya Janata Party. He is popularly known as a firebrand and dynamic youth politician, also regarded as a Jatiya Nayak of Assam, a title given by the AASU, the oldest student body of the state.


In May 2016, he was elected to the Assam Legislative Assembly from Majuli and was sworn in as the 14th Chief Minister of Assam.


Sarbananda Sonowal was born on 31 October 1961 in Molokgaon located in the Dibrugarh district of Assam to Shri Jibeswar Sonowal and Dineswari Sonowal. He did his Bachelor of English Honours from Dibrugarh University and went on to do his LLB from Guwahati University. He also started his political career from here.


Sarbananda Sonowal was the President of Assam's oldest student body, the All Assam Students Union from 1992 to 1999. After that, he became a member of the Asom Gana Parishad (AGP). In 2001, he was elected the MLA from Assam's Moran constituency. In 2004, he became a Lok Sabha member representing Dibrugarh constituency and continued to be so till 2009 before joining the Bharatiya Janata Party in 2011. In 2014 general election for Lok Sabha he was appointed to head State's 16th Lok Sabha Elections Assam by Bharatiya Janata Party, and in the same year he was also elected as Member of Parliament, 16th Lok Sabha from Lakhimpur Constituency, he was then appointed as Union Minister of State-Independent Charge, of the Government of India under the Modi Government at the centre. He was selected as the CM candidate of BJP for the 2016 Assam Assembly Election. On 19 May 2016, Sarbananda Sonowal won the Assembly Election from Majuli Constituency making himself the next Chief Minister of Assam from Bharatiya Janata Party.


Sarbananda Sonowal resigned from all executive posts within AGP and left the party, due to dissatisfaction with and amongst the senior leadership of the party who were trying to forge an alliance with a party that was against the scrapping of the controversial IMDT Act. On 8 February 2011, Sonowal joined BJP in the presence of the then BJP National President Nitin Gadkari and senior leaders like Varun Gandhi, Vijay Goel, Bijoya Chakravarty and state BJP president Ranjit Dutta. He was immediately appointed as a member of the BJP National Executive and later on the State Spokesperson of the BJP unit, prior to his current assignment to head the state as the new president. On 28 January 2016, BJP Parliamentary Board announced Sarbananda Sonowal as BJP Chief Ministerial candidate of Assam. He is not married.