सुनील गावस्कर (जन्म 10 जुलाई, 1949)

July 10, 2017

सुनील गावस्कर  भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान हैं जिन्हें क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में शुमार किया जाता है। सनी का जन्म 10 जुलाई, 1949 को बंबई (महाराष्ट्र) में हुआ था। उनकी पत्नी का नाम मार्शनील है। इनके पुत्र रोहन गावस्कर भी भारतीय क्रिकेट टीम में खेल चुके हैं।


इन्होंने बल्लेबाज़ी से संबंधित कई कीर्तिमान स्थापित किए। गावस्कर (अपने समय काल में) ने विश्व क्रिकेट में 3 बार, एक वर्ष में एक हज़ार रन, सर्वाधिक शतक (34), सर्वाधिक रन (नौ हज़ार से अधिक), सर्वाधिक शतकीय भागेदारियाँ एवं प्रथम शृंखला में सर्वाधिक रन बनाने वाले एकमात्र बल्लेबाज थे। 'सनी' गावस्कर की हर पारी एवं रन ऐतिहासिक होते हैं। उन्होंने भारतीय टीम का कुशल नेतृत्व किया और कई महत्त्वपूर्ण विजयें प्राप्त कीं, जिनमें 'एशिया कप' एवं 'बेसन एंण्ड हेजेस विश्वकप' (BENSON & HAZES WORLD CUP) प्रमुख है।


'क्रिकेट के आभूषण' कहे जाने वाले गावस्कर ने एक दिवसीय मैचों में भी अपनी टीम के लिए ठोस आधार प्रस्तुत किया है। वे 100 कैंचों का कीर्तिमान भी इंग्लैंड में बना चुके हैं। गावस्कर क्रिकेट की एक अद्वितीय पहेली हैं। 1986 में उनके खेल जीवन का उत्तरार्द्ध होने के बाद भी उनके खेल में और निखार आया। अपने कॉलेज की ओर से क्रिकेट खेलते समय भी वे सबसे सफल बल्लेबाज माने जाते थे। 1971 में उन्हें टैस्ट टीम के वेस्टइंडीज दौरे के लिए चुना गया था। सनी को विश्व का सर्वोपरी खिलाड़ी माना जाता है। जनवरी 1973 में कानपुर में इंग्लैण्ड के विरुद्ध अपने जीवन का 11वाँ टेस्ट खेलते हुए उन्होंने 1000 रन पूरे किए। अप्रैल 1976 में पोर्ट आफ़ स्पेन में वेस्टइंडीज़ के विरुद्ध अपना 23वाँ टेस्ट खेलते हुए उन्होंने 2000 रन पूरे किए। दिसम्बर 1977 में पर्थ में आस्ट्रेलिया के विरुद्ध अपना 34वाँ टेस्ट खेलते हुए 3000 रन पूरे किए। दिसम्बर 1978 में कलकत्ता में वेस्टइंडीज़ के विरुद्ध अपना 43वाँ टेस्ट खेलते हुए 4000 रन पूरे किए थे, और सितम्बर 1979 में बेंगलोर में 52वाँ टेस्ट खेलते हुए 5000 रन पूरे किए।


लम्बे अर्से से भारतीय क्रिकेट को जिस उदघाटक (ओपनर) बल्लेबाज़ की तलाश थी, उसकी सही खोज 1971 में पूरी हुई। जब सुनील गावस्कर ने वेस्टइंडीज़ के विरुद्ध अद्वितीय प्रदर्शन किया। उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उस पहली शृंखला के चार टेस्ट मैचों में गावस्कर ने 774 रन (औसत 184.80) बनाकर एक कीर्तिमान स्थापित किया। पोर्ट आफ़ स्पेन के पाँचवें टेस्ट की पहली पारी में 124 व दूसरी पारी में 220 रन बनाकर वे विश्व विख्यात बल्लेबाज़ वाल्टर्स, जी. एस. चैपल और लारेन्स रौ की श्रेणी में आ खड़े हुए, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में पहली पारी में शतक व दूसरी पारी में दोहरा शतक बनाने का रिकार्ड क़ायम किया है। 1975-76 में न्यूज़ीलैण्ड के दौरे के समय गावस्कर ने भारतीय टीम को नेतृत्व भी दिया, जिसमें भारत विजयी रहा। 1978-79 में वेस्टइंडीज़ की टीम ने भारत का दौरा किया था। उस समय उन्हें भारतीय टीम का कप्तान नियुक्त किया गया। उसमें सुनील गावस्कर ने एक साथ कई रिकार्ड और कीर्तिमान स्थापित किए। उन्होंने 34 शतक बनाए जो उस समय तक सबसे ज्यादा थे। इस प्रकार शतक बनाने और सबसे अधिक रन बटोरने के मामले में वह सबसे आगे निकल गए थे।


भारत में सुनील गावस्कर को 1975 में 'अर्जुन पुरस्कार' एवं 1980 में 'पद्म भूषण' प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त कई देशों में उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। 1980 में ही वे 'विस्डेन' भी प्राप्त कर चुके हैं।


सुनील गावस्कर के बारे में एक आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि वह अपने शरीर (कद 5 फ़ुट 5 इंच, वज़न 66 किलो) की ठीक-ठाक रखने के लिए क्रिकेट के मैदान से सीधे बैडमिंटन के मैदान में पहुँच जाते हैं।
पुस्तकें पढ़ने और संगीत सुनने का उन्हें बहुत ही शौक़ है। उन्होंने स्वयं भी 'सनी डेज़' नामक एक पुस्तक लिखी है और हमेशा लोगों से क्रिकेट की शब्दावली में बात करते हैं।
कहते हैं कि एक बार वह अपनी कार में कहीं पर जा रहे थे उनकी कार के आगे एक आदमी आ गया। उन्होंने ब्रैक लगाया और कार से उतरकर उस आदमी के पास गए और बोले–"अरे भाई, देखकर चला करो, नहीं तो रन आउट हो जाओगे।" उस आदमी को यह पहचानने में ज़रा भी देर नहीं लगी कि यह तो सुनील गावस्कर है।
गावस्कर विश्व क्रिकेट में 10,000 रन और 30 शतक करने वाले पहले बल्लेबाज़ थे।


गावस्कर ने क्रिकेट से सम्बन्धित कई महत्त्वपूर्ण पुस्तकें भी लिखी हैं। जिनमें सनी डेज, आइडल्स, रंस एण्ड रूइंस तथा वन डे वंडर्स काफ़ी लोकप्रिय हुई हैं। आकर्षक व्यक्तित्व के स्वामी सुनील गावस्कर एक फ़िल्म में भी अभिनय कर चुके हैं।


Sunil Manohar "Sunny" Gavaskar  (born 10 July 1949) is a former Indian international cricketer who played from the early 1970s to late 1980s for the Bombay cricket team and Indian national team. Widely regarded as one of the greatest Test batsmen and best opening batsmen in Test cricket history, Gavaskar set world records during his career for the most Test runs and most Test centuries scored by any batsman. He held the record of 34 Test centuries for almost two decades before it was broken by Sachin Tendulkar in December 2005. He was the first person to score centuries in both innings of a Test match three times. He was the first Test batsman to score 10,000 Test Runs in a Career and now stands at number 12 on the group of 13 players with 10,000+ Test Runs.


Gavaskar was widely admired for his technique against fast bowling, with a particularly high average of 65.45 against the West Indies, who possessed a four-pronged fast bowling attack regarded as the most vicious in Test history. His captaincy of the Indian team, however, was less successful. Turbulent performances of the team led to multiple exchanges of captaincy between Gavaskar and Kapil Dev, with one of Gavaskar's sackings coming just six months before Kapil led India to victory at the 1983 Cricket World Cup.


Gavaskar is a recipient of the Indian civilian honours of the Padma Shri and the Padma Bhushan. In 2012, he was awarded the Col CK Nayudu Lifetime Achievement Award for Cricket in India.


On 28 March 2014, Supreme Court of India, appointed Gavaskar as the Interim BCCI President primarily to oversee 7th Season of Indian Premier League. The Court also directed him to relinquish his job as a Cricket Commentator



Born in Bombay and a student of St Xavier's High School young Sunil Gavaskar was named India's Best Schoolboy Cricketer of the year in 1966 while playing for his school. He scored 246*, 222 and 85 in school cricket in his final year of secondary education, before striking a century against the touring London schoolboys. He made his first-class debut for Vazir Sultan Colts XI against an XI from Dungarpur, in 1966/67, but remained in Bombay's Ranji Trophy squad for two further years without playing a match. An alumnus of Bombay's renowned St. Xavier's College, he made his debut in the 1968/69 season against Karnataka, but made a duck and was the subject of derisive claims that his selection was due to the presence of his uncle Madhav Mantri, a former Indian Test wicketkeeper, on Bombay's selection committee. He responded with 114 against Rajasthan in his second match, and two further consecutive centuries saw him selected in the 1970/71 Indian team to tour the West Indies.


Honours
In 1980, Gavaskar received the Padma Bhushan award for his successful International career representing Team India from the former Indian President Neelam Sanjiva Reddy.[18]
On December 22, 1994, Gavaskar was sworn in as Bombay Sheriff - an honorary post, for a year, at Raj Bhavan in Mumbai in the presence of former Governor P C Alexander and former Chief minister Sharad Pawar.
In 1996, The Border-Gavaskar Trophy has been instituted in his co-honour. It was decided that any bilateral Test series between India and Australia will be called as Border-Gavaskar Trophy, named after iconic players Allan Border and Sunil Gavaskar. Both these players scored more than 10,000 runs in their respective Test careers and captained their teams.
"Gavaskar Stadium" in his home district of Vengurla has been named after him.[20]
In 2003, he became the first and till now the only indian to have delievered a MCC Spirit Of Cricket Cowdrey Lecture. He was the 3rd lecturer in the history of the Cowdrey lecture.
On November 21, 2012, Gavaskar was conferred with BCCI’s prestigious Col. CK Nayudu Lifetime Achievement Award at the BCCI Annual Awards Function 2011-12. The Lifetime Achievement Award given to Gavaskar carried a citation, trophy and a cheque for 25 lakh Rupees and he received this award from then BCCI president N. Srinivasan.
On October 15, 2017, Gavaskar inaugurated a cricket field in Louisville in the state of Kentucky in United States, thus making it the first international sporting facility named after an Indian sportsperson. The "Sunil M. Gavaskar Cricket Field", serves as the home ground for the Louisville Cricket Club, which is part of the 42-team MidWest Cricket League. Gavaskar was presented the keys of the ground by Louisville Mayor Greg Fischer.