रेलवे सुरक्षा बल

September 20, 2017

रेलवे सुरक्षा बल ( Railway Protection Force) भारत के सर्वोत्तम सुरक्षा बलों में सेे एक है। यह ऐसा सुरक्षा बल है, जो देश में रेल यात्रियों की सुरक्षा, भारतीय रेलवे की सम्पत्तियों की रक्षा तथा किन्हीं देश विरोधी गतिविधियों में रेलवे सुविधाओं के इस्तेमाल की निगरानी रखना है। यह एक केंद्रीय सैन्य सुरक्षा बल है, जो पैरा मिलिट्री फोर्स के रूप में भी जाना जाता है, जिसे दोषियों को गिरफ्तार करने, जाँच पड़ताल करने एवं अपराधियों के विरूद्ध मुकदमा चलाने का अधिकार है। यह प्रायः आर.पी.एफ़ के नाम से जाना जाता है। यह सुरक्षा बल भारतीय रेल मंत्रालय के अधीन होता है।


स्थापना
देश की अर्थव्यवस्था में रेलवे का बड़ा ही योगदान रहा। यही वजह रही की माल की ढुलाई के लिए अंग्रेज़ों ने रेलवे की सहायता ली; पर समय के साथ-साथ रेलवे सम्पत्तियों की चोरी और रेलवे यात्रियों की सुरक्षा हेतु एक सुरक्षा बल की स्थापना की जरूरत महसूस की गई। इसके फलस्वरूप रेलवे सुरक्षा बल की स्थापना 20 सितंबर, 1985 में एक क़ानून बना कर की गई।


उद्देश्य
भारतीय रेलवे सुरक्षा बल की के निम्नलिखित उद्देश्य हैं-


अवांछित तत्वों से रेल यात्रियों की सुरक्षा, यात्री क्षेत्र की सुरक्षा तथा रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा इनकी मुख्य जिम्मेदारी है।
रेल से असामाजिक तत्वों को निकालना तथा रेल क्षेत्र को यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाना इनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
रेल क्षेत्र में बच्चों एवं महिलाओं की तस्करी रोकने के लिए उचित कार्रवाई करना तथा उनके पुनर्वास की व्यवस्था करना भी इनकी जिम्मेदारी है।
रेलवे की छवि को जनप्रिय बनाए रखने के लिए अन्य विभागों के साथ उचित समन्वय बनाना।
रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस तथा रेल प्रशासन के लिए सेतु का कार्य करना।
उत्कृष्ठ मानवाधिकार प्रक्रियाएं, उन्नत तकनीक, जनप्रिय प्रबंधन, महिलाओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों की रक्षा इनकी जिम्मेदारी है।
नियुक्तियां
रेलवे सुरक्षा बल में आरक्षक
रेलवे सुरक्षा बल में उप निरीक्षक
रेलवे सुरक्षा बल में निरीक्षक अभियोजन तथा उप निरीक्षक अभियोजन


प्रशिक्षण
'जगजीवन राम रेलवे सुरक्षा बल अकादमी', लखनऊ द्वारा प्रारंभिक तथा विशेष अंतर सेवा पाठ्यक्रम करवाया जाता है।


कल्याण
एक केंद्रीयकृत कोष है, जिसे 'रेल सुरक्षा कल्याण निधि' भी कहा जाता है, आपातकालीन समय जैसे, किसी प्राकृतिक आपदा, मृत्यु, असामयिक निधन, असामाजिक तत्वों से लोहा लेते वक्त मृत्यु, तथा अंतिम संस्कार का खर्च वहन करता है। बल कार्मिकों को पुनर्श्रेणीबद्ध होने पर, कैंसर एवं टीबी जैसी बीमारी होने पर विपत्ति सहायता कोष से सहायता, सेवानिवृत्त होने पर, बल से सेवाच्युत होने तथा इस्तीफा देने पर अनुग्रह राशि का भुगतान किया जाता है।