पवन कुमार चामलिंग (जन्म: 22 सितम्बर, 1950)

September 22, 2017

पवन कुमार चामलिंग (जन्म: 22 सितम्बर, 1950) भारत के सिक्किम राज्य के मुख्यमंत्री हैं। पवन चामलिंग राजनीतिक दल 'सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट' के संस्थापक अध्यक्ष है, जो 1994 से लगातार सिक्किम में शासन में है। पवन चामलिंग ने 21 मई, 2014 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही एक नया रिकॉर्ड रच दिया। पवन चामलिंग देश के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जो किसी राज्य में लगातार पांच बार मुख्यमंत्री चुने गए हैं।


जीवन परिचय
सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट जैसी क्षेत्रीय राजनैतिक पार्टी के संस्थापक और सिक्किम के पांचवें मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का जन्म 22 सितंबर, 1950 को सिक्किम के एक छोटे और बेहद पिछ्ड़े गांव यंगयंग में हुआ था। पवन कुमार चामलिंग ने केवल मैट्रिक तक ही पढ़ाई की है। वर्ष 1972 में राजनीति में आने से पहले वह किसान और प्रथम श्रेणी के ठेकेदार रह चुके हैं। पवन कुमार चामलिंग नेपाली भाषा के एक सम्माननीय लेखक हैं। इनका साहित्यिक नाम पवन कुमार चामलिंग ‘किरण’ है। टिका माया चामलिंग इनकी दूसरी पत्नी हैं। पवन कुमार चामलिंग राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ एक बहुत अच्छे लेखक भी हैं। लंबे अरसे से राजनीति से जुड़े होने के कारण पवन कुमार चामलिंग को राजनीति की अच्छी समझ है।


पवन कुमार चामलिंग वर्ष 1973 में सक्रिय राजनीति से जुड़ गए थे। अपने राजनैतिक कैरियर की शुरूआत में वह सिक्किम प्रजातंत्र पार्टी के सदस्य बने। वर्ष 1982 में वह यंगयंग ग्राम पंचायत के अध्यक्ष बनाए गए। वर्ष 1985 में पवन कुमार चामलिंग ने पहली बार सिक्किम विधान सभा चुनावों में जीत दर्ज की। वर्ष 1989 में दमथांग निर्वाचन क्षेत्र से जीतने के बाद वह दूसरी बार विधानसभा पहुंचे। उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री नर बहादुर भंडारी की कैबिनेट में उद्योग मंत्रालय और सूचना एवं जन-संपर्क मंत्रालय प्रदान किया गया। सिक्किम की राजनीति में कई अच्छे-बुरे दौर से गुजरने के बाद पवन कुमार चामलिंग ने वर्ष 1993 में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट की स्थापना की। 1994 के चुनावों में जीतने के बाद सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट पहली बार सत्ता में आया था। वर्ष 1994 के चुनावों से लेकर 2014 के चुनावों तक पवन कुमार चामलिंग लगातार पाँच विधानसभा चुनावों में विजयी होने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री बनाए गए हैं।


पवन कुमार चामलिंग ने 21 मई, 2014 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही एक नया रिकॉर्ड बनाया। ये देश के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जो किसी राज्य में लगातार पांच बार मुख्यमंत्री चुने गए हैं। सिक्किम के राज्यपाल श्रीनिवास पाटिल ने राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में पवन चामलिंग व अन्य 11 मंत्रियों को शपथ दिलाई। गौरतलब हो कि वर्ष 2014 में सिक्किम में हुए विधानसभा चुनाव में चामलिंग की अगुवाई वाली सिक्किम डेमोक्रेटिक पार्टी (एसडीएफ) को 32 सदस्यीय विधानसभा में 22 सीटों पर जीत हासिल हुई है और पार्टी को दो तिहाई बहुमत मिला है। वह लगभग पिछले 20 सालों से सिक्किम का शासन संभाल रहे हैं। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अब वह चामलिंग कम्युनिस्ट नेता दिवंगत ज्योति बसु का रिकार्ड तोड़ने जा रहे हैं जो इससे पहले तक देश के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता थे। ज्योति बसु 1977 से लेकर 2000 तक लगातार 23 सालों तक पश्चिम बंगाल के पद पर आसीन रहे।


2010 में पवन कुमार चामलिंग को पंग ल्हाब्सल समिति द्वारा थिकोंग अम्बेसडर ऑफ पीस का सम्मान प्रदान किया गया।
सिक्किम साहित्य परिषद द्वारा वर्ष 2010 में पवन कुमार को भानु पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
2009 में यूनिवर्सल पीस फेडरेशन द्वारा चामलिंग को लीडरशिप एंड गुड गवर्नेंस अवार्ड प्रदान किया गया।
2003 में सिक्किम मणिपाल विश्वविद्यालय द्वारा इन्हें डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया।
कोलकाता की पोएट फाउंडेशन ने चामलिंग को वर्ष 2002 में पुरस्कार से नवाजा।
इंस्टिट्यूट ऑफ़ इकोनॉमिक स्टडीज द्वारा पवन कुमार चामलिंग को वर्ष 1999 में मानव सेवा पुरस्कार प्रदान किया गया।
1996 में पवन कुमार चामलिंग को भारत के उपराष्ट्रपति ने भारत शिरोमणि की उपाधि से सम्मानित किया।
1987 में चामलिंग को सिक्किम साहित्य परिषद द्वारा चिंतन पुरस्कार प्रदान किया गया।
उपलब्धियां और योगदान
पवन कुमार चामलिंग ने सिक्किम राज्य के भीतर परिवार नियोजन को बढ़ावा देने और महिलाओं की स्थिति सुधारने के लिए कई प्रभावकारी प्रयास किए हैं।
राज्य स्तर पर उन्होंने नौकरियों और शिक्षा संस्थानों में महिलाओं के 50% आरक्षण की व्यवस्था लागू की है।
इसके अलावा विकलांगों को भी 3 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।
शिक्षा के प्रति नागरिकों में रुझान उत्पन्न करने के लिए पवन कुमार चामलिंग ने कॉलेज स्तर तक मुफ़्त शिक्षा और पांचवी कक्षा तक के विद्यार्थियों को मुफ़्त किताबें और स्कूल यूनिफॉर्म भी प्रदान की जाती हैं।
साहित्यिक रचनाएँ
बीर को परिचय – पहली प्रकाशित कविता (1967)
प्ररमविक कविता हारू – 1970 से 1978 तक की कविताओं का संकलन
अंतहीन सपना: मेरो बिपना – 1979 से 1985 तक का काव्य संकलन
मो को हुन – 1986-1992 तक का काव्य संकलन
पेरेनियल ड्रीम्स एंड माइ रियलटी
क्रुसिफाइड प्रश्न और अन्य कविताएं
प्रतिबाद
सिक्किम रा प्रजातंत्र
सिक्किम रा नरिको मर्यादा
इसके अलावा पवन कुमार चामलिंग निर्माण जो कि एक साहित्यिक पत्रिका है, उसके संपादन और प्रकाशन का काम भी देखते हैं। जल्द ही निर्माण पब्लिकेशन ने निर्माण के प्रकाशन का काम अपने हाथ में ले लिया। पिछ्ले उन्नीस वर्षों से यह प्रकाशन संस्थान नए लेखकों के अलावा कई प्रसिद्ध और लोकप्रिय लेखकों की 100 से अधिक किताबों का प्रकाशन कर चुकी है।


Pawan Chamling (born 22 September 1950) is the fifth and incumbent Chief minister of the Indian state of Sikkim. Chamling is the founder president of the Sikkim Democratic Front, which has governed the state for five successive terms since 1994.


Chamling is the longest standing current Chief minister of any state in India and the second longest serving Chief minister after India's independence, behind Jyoti Basu. Prior to establishing the Sikkim Democratic Front, Chamling served as Minister for Industries, Information and Public Relations from 1989 to 1992 in the Nar Bahadur Bhandari cabinet.Chamling was born in Yangang, East Sikkim to Ashbahadur Chamling and Asharani Chamling. Chamling is also a Nepali language writer and recipient of the Bhanu Puraskar (2010) awarded by Sikkim Sahitya Parishad. He writes under the pen name Pawan Chamling Kiran. Mr. Chamling has 8 children, 4 sons and 4 daughters.Chamling was elected as the president of Yangang Gram Panchayat in 1982. In 1985, he was elected to the Sikkim Legislative Assembly for the first time. After being elected for the second time from Damthang, he became the Minister for Industries, Information and Public Relations from 1989 to 1992 in the Nar Bahadur Bhandari cabinet. After a series of major political upheavals in Sikkim, Chamling formed the Sikkim Democratic Front on 4 March 1993.


Chamling is the second chief minister in India after Jyoti Basu, of West Bengal to govern a state five terms in a row, with his party Sikkim Democratic Front winning the 1994, 1999, 2004, 2009 and 2014 Sikkim Legislative Assembly elections. His party first came to power in Sikkim after winning the 1994 assembly elections. His popularity kept soaring in Sikkim due to his developmental work and for maintaining peace. In 2009, his party Sikkim Democratic Front won all 32 assembly seats in Sikkim Legislative Assembly.


Following win in 2014 assembly election, he was sworn in as the Chief Minister of Sikkim for the fifth consecutive time on May 21, 2014 by Shriniwas Dadasaheb Patil, the Governor of Sikkim. He became the chief minister for a fifth time, a record previously held by Jyoti Basu who ruled West Bengal from 1977 to 2000.


His party SDF won 22 out of 32 assembly seats in the 2014 legislative assembly election. 18 months after the 2014 elections, on November 30, 2015, 7 out of 10 opposition MLAs joined the SDF party under the leadership of Pawan Chamling. Now the ruling front has 28 out of 32 assembly seats in the state.


On 18 January 2016 Prime Minister of India Narendra Modi made a two-day visit to the state to declare Sikkim as the first and the only "organic state" in the country, as it has fully implemented organic farming statewide.