जीवन (अंग्रेज़ी: Jeevan, जन्म- 24 अक्टूबर, 1915)

October 24, 2020

जीवन (अंग्रेज़ी: Jeevan, जन्म- 24 अक्टूबर, 1915, श्रीनगर; मृत्यु- 10 जून, 1987) हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता थे। उनका पूरा नाम 'ओंकार नाथ धर' था। उन्होंने फ़िल्मी पर्दे पर अपनी भूमिकाओं को बड़ी ही संजीदगी से निभाया। वैसे तो अभिनेता जीवन ने अधिकांश फ़िल्मों में खलनायक की भूमिका निभाई थी, लेकिन फिर भी एक भूमिका ऐसी थी जिसमें दर्शकों ने उन्हें देखना हमेशा पसंद किया। देवर्षि नारद के रूप में उनके द्वारा निभाई गई भूमिका को दर्शक कभी नहीं भूल पायेंगे। नारद मुनि के पौराणिक पात्र को अभिनेता जीवन ने 60 से भी अधिक फ़िल्मों में पर्दे पर जीवंत किया।


परिचय
अभिनेता जीवन का जन्म 24 अक्टूबर, 1915 को श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर में हुआ था। उनका वास्तविक नाम ओंकार नाथ धर था। जीवन को बचपन से ही अभिनेता बनने का मन था। उनके पुत्र और खुद भी एक जाने माने अभिनेता किरण कुमार ने एक पुराने साक्षात्कार में बताया था कि जीवन के पिता जी पाकिस्तान में स्थित गिलगिट के गवर्नर थे। जीवन की माताजी का देहांत सन 1915 में जीवन साहब के जन्म के समय ही हो गया था। उनकी उम्र तीन साल की होते-होते जीवन के पिताजी भी चल बसे थे। किन्तु गवर्नर साहब के खानदान के पुत्र को सिनेमा में अभिनय जैसे उस समय के निम्न व्यवसाय से नाता जोड़ने की इजाजत परिवार वाले कैसे देते? लिहाजा 18 साल की उम्र में जेब में मात्र 26 रुपये लेकर ओंकार नाथ धर बम्बई (वर्तमान मुम्बई) जाने के लिए घर से भाग गए।


जीवन का घर का नाम ‘जीवन किरण’ था और लोग समजते थे कि उन्होंने अपने साथ बेटे का भी नाम जोड़ा था, परंतु हकीकत ये थी कि उनकी पत्नी का नाम ‘किरण’ था। वे लाहौर की थीं। पर्दे पर अधिकतर खलनायक की भूमिका करने वाले जीवन साहब निजी ज़िन्दगी में इतने भले थे कि पैसों के मामले में कोई अगर उन्हें दगा दे जाये तो वे कहते थे- "उस व्यक्ति को ज्यादा जरुरत होगी"।


Jeevan, born Omkar Nath Dhar (24 October 1915 – 10 June 1987), was an Indian actor who played Narad Muni in mythological films of the 1950s a total of 49 times. Later, he played the villain in popular Bollywood films of the 1960s, 1970s, and 1980s. His son Kiran Kumar (born Deepak Dhar) is also a film and television actor


Jeevan was born into an aristocratic Kashmiri Pandit family. His grandfather, a nobleman, served as the Governor of the Gilgit Agency. He lost his father when he was three years old, and his mother died during childbirth.

Know Another Day