विश्व स्ट्रोक दिवस ( अंग्रेजी : विश्व आघात दिवस )

October 17, 2020

विश्व स्ट्रोक दिवस ( अंग्रेजी : विश्व आघात दिवस ) हर साल 17 अक्टूबर को, को मनाया जाता है। विश्व आघात दिवस जीवन को सबसे नाज़ुक क्षणों के दौरान बचाने और सुरक्षा के महत्व पर ध्यान केंद्रित करने तथा आघात से होने वाली मृत्यु से बचने की तैयारी एवं महत्वपूर्ण उपायों को अपनाने के लिए मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार विश्वभर में मृत्यु एवं विकलांगता का प्रमुख कारण आघात है। आघात का मतलब "किसी भी तरह की शारीरिक एवं मानसिक चोट हो सकती है"। इस तरह की चोटों के कारणों की कई वज़ह जैसे कि सड़क दुर्घटना, आग, जलना, गिरना, प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाएँ और हिंसक कृत्य तथा कमज़ोर आबादी “महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों” के ख़िलाफ़ होने वाले अपराध हो सकते हैं। इन सभी कारणों के मध्य विश्वभर में आघात का प्रमुख कारण सड़क यातायात दुर्घटना (आरटीए) है। कई तरह की चोट अस्थायी या स्थायी विकलांगता को पैदा करती है। जबकि अन्य तरह की चोट मृत्यु का कारण भी हो सकती है।


भारत में हर छह मिनट पर एक व्यक्ति सड़क दुर्घटना के कारण मौत का शिकार हो जाता है। दिल्ली की सड़कों पर फर्राटा भर रहे वाहनों ने वर्ष 2015 में छह सौ से अधिक लोगों की जान ले ली। वहीं आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2016 से सितंबर तक करीब छह सौ लोगों की मौत हो चुकी है। वर्ष 2014 में यहां दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 546 थी। यह आंकड़े ट्रैफिक पुलिस से प्राप्त हुए है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन हादसों से बचने के लिए अगर वाहन चालक सिर्फ ट्रैफिक नियम का पालन करें तो 60 प्रतिशत तक कमी आ सकती है।


संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रोफेसर संजय बिहारी और प्रो.अरुण श्रीवास्तव के अनुसार सड़क हादसों के कारण होने वाली मौत में 70 फीसद लोगों की आयु 45 साल से कम होती है। सड़क दुर्घटना से लोगों को निजी व व्यावसायिक चालकों के व्यवहार में परिवर्तन लाकर, वैरियर, गति अवरोधक, सीट बेल्ट व हेलमेट लगाने की बाध्यता, चिकित्सकीय व आकस्मिक सेवाओं में सुधार, ब्रेथ (शराब पीने) परीक्षण सहित दूसरे उपायों पर जोर देकर ही बचाया जा सकता है।


विशेषज्ञों के मुताबिक, देश में हर साल दस लाख लोग हेड इंजरी के शिकार होते हैं, जिनमें से 75 से 80 फीसद लोगों में सड़क दुर्घटना के कारण होती है। हेड इंजरी के शिकार 50 फीसद लोग मर जाते हैं तो 25 फीसद लोग विकलांग हो जाते हैं। यह आंकड़े आपको डराने के लिए नहीं बल्कि सचेत करने के लिए बताए जा रहे हैं। इन आंकड़ों में आप की सावधानी कमी ला सकती है। पिछले दो दशकों में सड़क दुर्घटना के कारण होने वाली मौत व बीमारियों में 64 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है


 


World Stroke Day is observed on October 29 to underscore the serious nature and high rates of stroke, raise awareness of the prevention and treatment of the condition, and ensure better care and support for survivors. On this day, organizations around the world have facilitated events emphasizing education, testing, and initiatives to improve the damaging effects of stroke worldwide. The annual event was started in 2006 by the World Stroke Organization (WSO) and the WSO declared stroke a public health emergency in 2010. The WSO now has an ongoing campaign that serves as a year-round interface for advocacy, policy, and outreach to support strides and continue progress made on World Stroke Day.


The World Stroke Campaign's goodwill ambassadors include Indian Cricketer Sunil Gavaskar, former Miss Egypt Dalia El Behery and cyclist Alberto Contador