राष्ट्रीय डेंगू दिवस

May 16, 2020

राष्ट्रीय डेंगू दिवस (अंग्रेज़ी: National Dengue Day) डेंगू के बारे में जागरूकता प्रसारित करने और संचारण का मौसम शुरू होने से पहले देश में रोग नियंत्रण के लिए निवारक उपायों और उसकी तैयारी को तेज करने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की सिफारिश पर प्रतिवर्ष 16 मई को मनाया जाता है। डेंगू पूरे देश में दूर तक फैला हुआ है। वर्ष 2017 में तमिलनाडु के बाद केरल, कर्नाटक, पंजाब, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, असम, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, उड़ीसा, राजस्थान, दिल्ली और अन्य राज्यों से डेंगू के अधिकतम मामलों की सूचना मिली थी। इस रोग से अफ्रीका, अमेरिका, पूर्वी भू-मध्य सागर, दक्षिण-पूर्व एशिया और पश्चिम प्रशांत सहित 100 से अधिक देश प्रभावित हैं। यह भारत में विशेषकर बारिश के दिनों में होने वाला सामान्य रोग है।


तथ्य
‘डेंगू’ डेंगू वायरस[1] के कारण होने वाला एक वायरल रोग है।
डेंगू चार डेंगू वायरसों में से किसी एक से मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है।
एडीज इजिप्टी मच्छर दिन के समय काटता है।
व्यक्ति में संक्रामक काटने के बाद तीन से चौदह दिनों के भीतर लक्षण विकसित होते है।
रोगी जो कि पहले से ही डेंगू वायरस से संक्रमित हैं, लक्षणों की शुरुआत के चार से पांच दिनों के दौरान एडीज मच्छरों के माध्यम से दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकता हैं।
डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण प्रभावी वेक्टर नियंत्रण उपायों पर निर्भर करता है।


लक्षण
डेंगू में अचानक तेज़ बुख़ार के साथ बुख़ार की शुरुआत, गंभीर सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द और चकत्ते हो जाते है।
डेंगू हेमोरेजिक बुख़ार में तीव्र बुख़ार की शुरुआत होती है जिसके बाद पेट दर्द, उल्टी, रक्तस्राव होता है। मामलों का छोटा सा हिस्सा घातक रोग जैसे कि डेंगू शॉक सिंड्रोम[2]दिखा सकता है।
उपचार
डेंगू के लिए कोई विशिष्ट एंटीवायरल दवाएं नहीं हैं। चिकित्सक द्वारा प्रारंभिक नैदानिक निदान और पर्याप्त नैदानिक प्रबंधन मृत्यु दर को एक प्रतिशत से कम करता है। रोगी के लिए पैरासिटामोल के साथ एनाल्जेिसिक[3] का उपयोग तथा अधिक से अधिक मात्रा में तरल पदार्थों पीना और पर्याप्त आराम करना महत्वपूर्ण है। एसिटाइलसैलिसाइलिक एसिड[4] और गैर स्टेरॉयड एंटी-इंफ्लैमेटरी ड्रग्स[5] के उपयोग की सिफ़ारिश नहीं की जाती है।


रोकथाम और नियंत्रण


राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम [6] के निदेशालय, भारत में डेंगू की निगरानी और रोकथाम के लिए नोडल केंद्र है। एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम देश में डेंगू रोग की निगरानी और प्रकोप का पता लगाने/जांच में भी मदद करता है।