बली राम भगत -जन्म: (7 अक्टूबर, 1922)

October 07, 2016

बली राम भगत -जन्म: 7 अक्टूबर, 1922 – मृत्यु: 2 जनवरी, 2011) प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, संसदीय व्यवस्था के गहन अनुभवी तथा संसदीय प्रक्रियाओं तथा कार्यसंचालन नियमों के अच्छे ज्ञाता जब 15 जनवरी, 1976 में पांचवीं लोकसभा के लोकसभा अध्यक्ष निर्वाचित किए गए, तब सभा का निर्धारित कार्यकाल समाप्त होने को था। भगत में अध्यक्ष पद के लिए अपेक्षित सभी योग्यताएं विद्यमान थीं। वे स्पष्टवादी, ईमानदार, दृढ़ और निष्पक्ष व्यक्ति थे। सभा तथा उसकी परम्पराओं में उनकी गहरी श्रद्धा थी। स्वतंत्रता के पश्चात् लोक सभा अध्यक्ष के रूप में भगत का चौदह मास से भी कम अवधि का कार्यकाल सबसे छोटा कार्यकाल था किन्तु इस संक्षिप्त अवधि में उन्होंने सदन की कार्यवाही पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। अध्यक्ष पद पर रहने के बाद राज्यपाल के रूप में उन्होंने जिस प्रकार कार्य किया, उससे यह सिद्ध हो गया कि वे सहज रूप से एक योग्य और प्रतिभा सम्पन्न व्यक्ति हैं। विभिन्न राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उन्होंने अपनी योग्यता का परिचय दिया।


जीवन परिचय

पेशे से एक कृषक, राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता, बली राम भगत का जन्म 7 अक्तूबर, 1922 को पटना, बिहार में हुआ था। उन्होंने स्नातक की शिक्षा पटना कॉलेज से प्राप्त की और बाद में पटना विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र निष्णात उपाधि प्राप्त की। भगत की राजनीति के प्रति प्रबल रुचि और उनकी प्रगाढ़ देशभक्ति उन्हें विद्यार्थी जीवन में ही स्वतंत्रता संग्राम की ओर मोड़ दिया। 1939 में 17 वर्ष की अल्पायु में ही, वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए और उन्होंने पार्टी द्वारा देश को विदेशी शासन से मुक्त कराने के लिए शुरू किए गए कई संघर्षों में भाग लिया। सन 1942 में, भारत छोड़ो आन्दोलन में भाग लेने के लिए उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई छोड़ दी और दो वर्ष तक भूमिगत रहे। वह सन् 1944 में अखिल भारतीय विद्यार्थी कांग्रेस के संस्थापक सदस्य और 1946-47 के दौरान बिहार प्रदेश विद्यार्थी कांग्रेस के महासचिव भी रहे।


Bali Ram Bhagat (7 October 1922 – 2 January 2011) was an Indian politician and member of the Indian National Congress. He was born in Patna, Bihar.


Bhagat joined the Indian National Congress in 1939 during the Indian independence movement and participated in the Quit India movement. He received a bachelor's degree from Patna College and obtained a master's degree in Economics from Patna University.


After independence, he served as the Member of Parliament from Arrah for six terms including the first five terms.Bhagat lost his seat to Chandradeo Prasad Verma in the 1977 general election, where the Congress lost power in India for the first time.


Between 1963 and 1967, Bhagat served as the Minister of State for Planning as well as Finance. He was a Minister in the Ministry of Defence for a short period in 1967 before he became the Minister of State for External Affairs in the same year. Bhagat became a member of the cabinet in 1969 when he was appointed the Minister of Foreign Trade and Supply. Later, he was the Minister of Steel and Heavy Engineering for a period of eight months.


Bhagat served as the Speaker of Lok Sabha from 1976 to 1977, during the turbulent final year of Indira Gandhi’s first reign as prime minister.He served as Minister for External Affairs of India under Indira’s son, Rajiv Gandhi, from 1985 to 1986. He was governor of Himachal Pradesh briefly during 1993, and governor of Rajasthan from 1993 to 1998. Bali Ram Bhagat died in New Delhi on 2 January 2011.