एन. डी. तिवारी- जन्म: (18 अक्टूबर, 1925)

October 18, 2016

नारायण दत्त तिवारी , संक्षिप्त नाम: एन. डी. तिवारी, जन्म: 18 अक्टूबर, 1925) उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड के भूतपूर्व मुख्यमन्त्री थे। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता हैं। एन. डी. तिवारी उत्तर प्रदेश के चार बार मुख्यमंत्री रहे और उत्तरांचल प्रदेश बनने के बाद वहाँ के तीसरे मुख्यमंत्री बने।



जीवन परिचय

नारायण दत्त तिवारी का जन्म 18 अक्तूबर, 1925 ई. को ग्राम बल्यूरी, पदमपुरी ज़िला नैनीताल में हुआ था। उनके पिता पूरन चंद तिवारी भी स्वतंत्रता सेनानी थे। देशभक्ति की भावना से प्रेरित तिवारी जी विद्यार्थी जीवन में ही आंदोलन में सम्मिलित हो गये। और 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' में गिरफ्तार कर लिए गये। जेल से छूटने पर उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अपनी शिक्षा पूरी की। तभी उन्हें देश के प्रमुख नेताओं जवाहरलाल नेहरू, महामना मदनमोहन मालवीय, आचार्य नरेंद्र देव आदि के आने का अवसर मिला और वे समाजवादी बन गए। उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन कुमाऊं के श्रमिक संघों के संगठन में लगकर आरम्भ किया।



राजनीतिक परिचय

1952 के प्रथम आम निर्वाचन में समाजवादी पार्टी की ओर से उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य चुने गये। 1957 में वे पुन: विधान सभा पहुँचे। परंतु 1962 और 1967 में उन्हें सफलता नहीं मिली। इस बीच 1965 में वे कांग्रेस में सम्मिलित हो गये थे। 1969 के मध्याविधि चुनाव में विजयी होने पर तिवाजी जी उत्तर प्रदेश में मंत्री बने। इसके बाद प्रथम बार 1976 में, दूसरी बार 1984 में, तीसरी बार 1985 में और चौथी बार 1988 में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभाला।


वे केंद्र में योजना मंत्री, उद्योग मंत्री, पेट्रोलियम और विदेश मंत्री के पद पर काम कर चुके हैं। वे कुछ समय तक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे हैं। 1993 और 1997 के संसदीय चुनाव में असफल रहने के बाद वे 1999 में फिर सांसद चुने गये। 2002 के निर्वाचन में उत्तरांचल में कांग्रेस को बहुमत मिलने पर उन्हें वहाँ का मुख्यमंत्री बनाया गया।


Narayan Datt Tiwari (born 18 October 1926) is an Indian politician. He was formerly in Praja Socialist Party and later joined Indian National Congress.


He was thrice Chief Minister of Uttar Pradesh (1976–77, 1984–85, 1988–89) and once Chief Minister of Uttarakhand (2002–2007). In 1986–1987, he served in Prime Minister Rajiv Gandhi's cabinet as Minister for External Affairs. He was serving as Governor of Andhra Pradesh from 2007 until 2009. He's the only Indian to have served as Chief Minister of 2 states.


Narayan Datt Tiwari was born in 1926, in the village of Baluti, Nainital district. His father Poornanand Tiwari was an officer in the forest department, and who later resigned and joined the Non-cooperation movement. Tiwari received his education at various schools including, M.B. School, Haldwani, E.M. High School, Bareilly and C.R.S.T. High School, Nainital.


His initiation into politics came early, when during the Indian Independence movement, he was arrested on 14 December 1942 for writing Anti-British leaflets opposing imperialist policies, and sent to Nainital jail, where his father was already lodged. Upon his release after 15 months in 1944, he joined Allahabad University, where he topped the University in M.A. (Political Science), he continued his education doing LLB from the same university, and elected as the President of the Students’ Union of the Allahabad University in 1947. Meanwhile, he remained Secretary, All India Student Congress, 1947-49.


In 1954, he married Sushila Tiwari (née Sanwal), On 14 May 2014, he married Ujjwala Tiwari, his longtime sweetheart and mother of his biological son Rohit Shekhar, at the age 88.